श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- रतलाम के नंदलाई गांव निवासी दरबार डोडियार अपने दोस्त के साथ बाइक से घर जा रहे थे। 9 जनवरी की रात सेजावता–बंजली बायपास पर एक एंबुलेंस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर बड़ौदा के अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रतलाम। एंबुलेंस की टक्कर के बाद घायल हुए युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह 9:30 बजे स्वजन और ग्रामीणों ने रतलाम–बांसवाड़ा रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पहुंचे। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।
मालूम हो कि नंदलाई गांव निवासी दरबार डोडियार, पिता कन्हैयालाल डोडियार अपने दोस्त के साथ बाइक से घर जा रहे थे। 9 जनवरी की रात सेजावता–बंजली बायपास पर एक एंबुलेंस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर स्वजन उन्हें बड़ौदा के अस्पताल लेकर गए, जहां बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही स्वजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और वे सड़क पर उतर आए।
स्कूली बस रुकी, वाहनों की लगी कतारें
चक्काजाम के कारण सुबह के समय स्कूल जाने वाले कई विद्यार्थी जाम में फंस गए। हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की मदद से बच्चों को बसों से उतारकर सड़क के दूसरी ओर खड़ी बसों में शिफ्ट कराया गया, ताकि वे समय पर स्कूल पहुंच सकें। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्वजन एंबुलेंस होने की बात कर रहे है, घटना के समय के सीसीटीवी देखकर एंबुलेंस की सर्चिंग की जाएगी।









