पुलिस के अनुसार प्रधान आरक्षक राजेंद्र सिंह अपनी बाइक से डिडवरिया से वापस शहडोल लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक अज्ञात बाइक से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हुए और ऑटो की मदद से गंभीर रूप से घायल प्रधान आरक्षक को अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही थाना स्टाफ भी अस्पताल पहुंच गया और उपचार की व्यवस्था कराई।
निजी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर कर दिया है, जहां आगे उनका उपचार जारी रहेगा। हादसे के बाद दूसरी बाइक और उसके सवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरी बाइक कौन चला रहा था और वह घायल हुआ है या नहीं। चूंकि टक्कर के बाद दूसरा बाइक सवार मौके से गायब था, इसलिए पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर जांच कर रही है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल की स्थिति के आधार पर मामले की तहकीकात की जा रही है, ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह और दूसरी बाइक सवार की पहचान जल्द सामने लाई जा सके। हादसे ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस महकमे में भी चिंता का माहौल है।
रविवार को आरक्षक की हुई थी मौत
बस स्टैंड में अव्यवस्थित यातायात की वजह से एक आरक्षक की जान चली गई थी। आरक्षक अपनी ड्यूटी में था और सड़क पर खड़ी बस को सड़क से हटवा रहा था। तभी एक बस ने आरक्षक को कुचल दिया, जिसमें महेश पाठक की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए यातयात थाना प्रभारी संजय जायसवाल को निलंबित करने की मांग की थी।







