श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल बस स्टैंड पर ड्यूटी के दौरान रविवार को हुए हादसे में शहीद आरक्षक महेश पाठक का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके गृह ग्राम रीवा में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में भावुक माहौल रहा और लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवारजन, रिश्तेदार, ग्रामीण और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उन्हें विदाई देने पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने दी सलामी, नम हुईं आंखें
अंतिम संस्कार में रीवा एसपी, शहडोल सीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी, कोतवाली टीआई राघवेंद्र तिवारी सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सलामी देते हुए शहीद आरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के दौरान कई अधिकारियों की आंखें भर आईं। सीएसपी और टीआई भी भावुक हो गए और साथी आरक्षक को भीगी पलकों से अंतिम प्रणाम किया।
बस की चपेट में आए थे आरक्षक
रविवार दोपहर करीब दो बजे शहडोल बस स्टैंड क्षेत्र में दादू कंपनी की एक बस ने आरक्षक महेश पाठक को चपेट में ले लिया था। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
साथी आरक्षकों ने बताया कि महेश पाठक अपने कर्तव्य के प्रति बेहद समर्पित और ईमानदार थे। हर परिस्थिति में वे ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे।
बस की चपेट में आए थे आरक्षक
रविवार दोपहर करीब दो बजे शहडोल बस स्टैंड क्षेत्र में दादू कंपनी की एक बस ने आरक्षक महेश पाठक को चपेट में ले लिया था। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
साथी आरक्षकों ने बताया कि महेश पाठक अपने कर्तव्य के प्रति बेहद समर्पित और ईमानदार थे। हर परिस्थिति में वे ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे।
गांव में शोक, ग्रामीण बोले- एक होनहार सिपाही खो दिया
गांव के लोगों ने बताया कि महेश पाठक स्वभाव से शांत, मिलनसार और सभी के प्रिय थे। उनकी मौत से गांव में गहरा शोक है। कई बुजुर्गों का कहना है कि गांव ने एक होनहार और बहादुर सिपाही को खो दिया।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन
अंतिम यात्रा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय स्तर पर भी जांच जारी है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन
अंतिम यात्रा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय स्तर पर भी जांच जारी है।
वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि इस घटना ने बस स्टैंड और व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्तता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरा क्षेत्र एक जांबाज जवान की शहादत पर शोकाकुल है।







