श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील अंतर्गत जगमल सेजहरी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने हाथियों के आतंक के खिलाफ जन आंदोलन किया। पार्टी का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से बाणसागर, बुड़वा और ब्यौहारी क्षेत्र में जंगली हाथियों का झुंड किसानों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन गया है।
आंदोलन के दौरान, स्थानीय किसान और पार्टी के नेता एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। ज्ञापन पत्र के माध्यम से यह अनुरोध किया गया कि हाथियों के हमलों के कारण हो रहे फसल नुकसान और निवास स्थानों के ध्वस्त होने के लिए शीघ्र मुआवजा दिया जाए। पार्टी के जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह कुशराम ने कहा कि हमारे किसान अब तंग आ चुके हैं। हाथियों ने हमारी फसलें बर्बाद कर दी हैं और हमारी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर दिया है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने बताया कि ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में लगभग 32 हाथियों का झुंड सक्रिय है, जो रात में गांव में प्रवेश कर ग्रामीणों के मकानों को ध्वस्त कर देते हैं। इस समस्या से प्रभावित ग्रामीणों के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में प्रशासन द्वारा किए गए सर्वेक्षणों के बावजूद, अभी तक किसानों को उनके नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं दी गई है।
स्थानीय सरपंच रूप नारायण ने कहा कि हमारे गांव के किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। हमें अपनी मेहनत की फसलें बचाने का कोई मौका नहीं मिल रहा है। हाथियों का मूवमेंट हमारे जीवन को नरक बना रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय सिंह पेंड्रो ने भी इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, हमें हाथियों के रेस्क्यू और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की आवश्यकता है। यह न केवल किसानों के लिए आवश्यक है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए भी महत्वपूर्ण है।
आंदोलन का समापन एक ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपने के साथ हुआ है। इस अवसर पर पार्टी के संस्थापक दादा हीरासिंह मरकाम की पांचवीं पुण्यतिथि भी मनाई गई।







