श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोलः जिला अस्पताल में गुरुवार को बुखार पीड़ित मरीज की मौत के बाद स्वजन ने आरोप लगाया है कि समय ब्लड नहीं मिलने के कारण मौत हुई है, जबकि जिला अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि मरीज पहले से गंभीर हालत में आया था और जब तब ब्लड की व्यवस्था हुई तब तक उसकी मौत हो गई है।
मृतक के स्वजन का आरोप है कि बुधवार को 20 वर्षीय राहुल पनिका, निवासी धनौहा गोहपारु, को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह बुखार से पीड़ित था। चिकित्सक ने मरीज की स्थिति को देखते हुए बताया कि उसे ब्लैंड की कमी है और जल्दी
जिला अस्पताल में मरीज का शव रखकर अपनी पीड़ा बताते स्वजन। नईदुनिया ब्लड चढ़ाना आवश्यक है। इसके बाद ए-पाजिटिव ब्लड के लिए कई बार ब्लड बैंक गए, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। ब्लड देने वाले तैयार थे, लेकिन ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने
उनकी बात नहीं सुनी, जिससे राहुल की जान चली गई।
स्वजन का कहना है कि जिला अस्पताल में सही जानकारी नहीं दी जाती। चिकित्सक कहते कि ब्लड
बैंक में जाकर ब्लड मिलेग, लेकिन वहां बताया गया कि इस ग्रुप का ब्लड उपलब्ध नहीं है। डोनर अने पर भी उन्हें इंतजार करने को कहा गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि वे दिन में उन्होंने चालीस बार ब्लड बैंक को सीढ़ी चढ़ी, लेकिन समय पर ब्लड नहीं मिला।
उन्होंने कहा द्वारा खेलों को नि जा रहा है। प्रधानम् शहडोल जिले के मिनी ब्राजील के ना तथा यहां के पांच को जर्मनी में प्रशिक्षण प्राप्त उपलब्ध कराया। यह अवसर प्रदान प्रधानमंत्री एवं मुख् आभार जताया।
मौत के बाद स्वजन ने विरोध किया और कहा कि पोस्टमार्टम तभी होगा जब ब्लड न देने वालों पर कार्रवाई होगी। सिविल सर्जन शिल्पी सराफ ने मामले को समझाया और था कि उन्होंने खुद फाइल देखी और ब्लड अरेंज कराया, लेकिन मरीज से स्थिति गंभीर थी। यह आरोप गलत ब्लड न मिलने से मौत हुई है।







