श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- उमरियाः उत्तर भारतीय संतानोंन्नति का पर्व हर वषाँ की भांति इस बार भी धूम धाम और हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयरिया की जा रही है। यह चार दिवसीय पर्व इस बार 25 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। छठ पूजा के नाम से प्रसिद्ध पर्व मुख्यतः सूर्योपासना का व्रत है जिसे करके महिलायें अपने संतान की खुशहाली, स्वस्थ और उन्नति का है। से व्रत की शुरुआत 25 अक्टूबर से प्रारंभ होगा और नवोदित सूर्य को अरंघ वरदान हासिल करती है। नहाय खाय
देकर 28 अक्टूबर को पूर्ण किया जायेगा। छठ पूजा के इस पावन पर्व को मनाने के लिए बिरसिंहपुर पाली नगर पाली में सगरा तालाब, पाली प्रोजेक्ट कालोनी में जोहिला नदी पर पोड़ी घाट, और संजय गाँधी प्रकाश नगर में मंगठार बांध में मनाने की तैयारियां जोरों पर है। इस प्रकार नौरोजाबाद में भी इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता
की जा रही है तैयारीः दीपावली त्यौहार के बाद छठ पर्व हिन्दूओं के आस्था और विश्वास का यह पर्व एक
आतिशबाजी के कचरे को हटाने लगा रहा अमला
दूर कर देता है, ऐसे ही व्रतियों की कामना होती है कि उनकी संतान जीवन भर के अंधकार को दूर करने में सफल हो।
बार फिर से नया उत्साह, नये उमंग और आस्था की दीवारों पर नये रंग उकेर कर नया विश्वास जाग्रत करने वाला साबित होगा। वैसे भी सूर्योपासना का यह व्रत आदि काल से अलौकिक रूप में मनाया जाता हैं, जब नवोदित सूर्य की लालिमा को अघ्य दिया जाता है उस समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें न सिर्फ व्रती को बल्कि उन सबको उत्साह से प्रफुल्लित कर देती है जो इस सबके साक्षी होते हैं। माना जाता है कि नवोदित सूर्य की किरणें जिस तरह संसार भर के अंधकार को सहजता से







