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शराब ठेका फर्जीवाड़े में पूर्व आबकारी आयुक्त विनोद रघुवंशी को गिरफ्तार, दो महीने पहले हुई थी 4 साल की सजा

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          श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -:       भोपाल में शराब ठेका फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व आबकारी उपायुक्त विनोद रघुवंशी गिरफ्तार हुए। 2003 में पार्टनरशिप डीड में छेड़छाड़ का आरोप है। कोर्ट ने 4 साल सजा सुनाई थी, अरेस्ट वारंट पर शाहपुरा पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर लिया। 22 साल पुराने मामले में फर्म को फायदा पहुंचाने की बात सामने आई।

भोपाल। शराब ठेका फर्जीवाड़ा मामले में आबकारी विभाग के पूर्व उपायुक्त विनोद रघुवंशी को शाहपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वर्ष 2003 में उन्होंने एक फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए पार्टनरशिप डीड में छेड़छाड़ कर एक पार्टनर का नाम फर्म से हटा दिया था।

इस मामले में भोपाल कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए दो महीने पहले चार साल की सजा सुनाई थी। उनके खिलाफ कोर्ट द्वारा अरेस्ट वारंट जारी किया गया था। शुक्रवार को शाहपुरा पुलिस ने पारस मैजिस्टिक कॉलोनी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। साथ ही कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

अपील करने पर बढ़ गई एक साल की सजा

फर्जी डीड लगाने के इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2023 में विनोद रघुवंशी को तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ विनोद अपीलीय कोर्ट में गए थे, जहां सुनवाई के बाद दो महीने पहले उन्हें चार साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

यह था 22 साल पहले का मामला

पांच मार्च 2002 को अजय अरोरा ने अशोक ट्रेडर्स फर्म में हिस्सेदारी ली थी, जिसकी पार्टनरशिप डीड तैयार की गई थी। इसी वर्ष फर्म ने आबकारी के ठेके की नीलामी में हिस्सा लिया। आबकारी विभाग ने नीलामी स्वीकार कर फर्म को ठेका आवंटित कर दिया। लेकिन तब विनोद रघुवंशी और ओपी शर्मा ने धोखाधड़ी कर मार्च 2003 की नकली पार्टनरशिप डीड तैयार कर अजय को हिस्सेदारी से बाहर कर दिया। आरोपितों ने फर्म के अन्य पार्टनर को लाभ पहुंचाने के लिए भोपाल आबकारी कार्यालय के रिकार्ड में अजय का नाम हटाकर नकली पार्टनरशिप डीड लगा दी थी।

Shreya News
Author: Shreya News

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