श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: GST New Rate: भारत की जीएसटी व्यवस्था बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 3 सितंबर को जीएसटी 2.0 की घोषणा की थी, जिसके तहत अब सभी वस्तुएं केवल तीन स्लैब (Tax Slab) 5%, 18% और 40% में आएंगी। नई दरें 22 सितंबर (Navratri) से लागू हो रही हैं। इस बदलाव से रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर पड़ेगा असर-
नई दिल्ली: भारत में जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर (GST New Rates) से लागू होने जा रही हैं। इस बार सरकार ने GST ढांचे को सरल करते हुए केवल तीन टैक्स (Tax Slab) स्लैब – 5%, 18% और 40% तय किए हैं। रोजमर्रा की कई वस्तुएं सस्ती होंगी, लेकिन कुछ ऐसी वस्तुएं हैं जो आपकी जेब पर बोझ डालेंगी। इनमें पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, लग्जरी गाड़ियां और कोयला प्रमुख हैं।

सरकार का मकसद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 3 सितंबर को जीएसटी सुधारों की घोषणा करते हुए बताया कि अब जीएसटी को सरल बनाया जाएगा। 40% का ऊपरी स्लैब विशेष रूप से उन वस्तुओं पर लागू होगा जिन्हें सरकार हतोत्साहित करना चाहती है या फिर जिन्हें विलासिता की श्रेणी में रखा गया है।
किन वस्तुओं पर पड़ेगा असर?
नई दरों के तहत पान मसाला, तंबाकू और निकोटीन से बने उत्पादों पर कर 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इसी तरह सभी एरेटेड और फ्लेवर युक्त पेय पदार्थ, कैफीन और शुगर युक्त एनर्जी ड्रिंक्स भी अब महंगे हो जाएंगे। इससे शहरी फिटनेस और यंगस्टर्स की लाइफस्टाइल प्रभावित हो सकती है।
लग्जरी सेगमेंट में आने वाली एसयूवी, कारें, 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलें, यॉट, प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर जैसे वाहन भी अब 40% टैक्स स्लैब में आ गए हैं। इससे इन्हें खरीदना और मुश्किल हो जाएगा।
ऊर्जा और ईंधन सेक्टर
कोयला, लिग्नाइट और पीट जैसी वस्तुएं जो पहले 5% टैक्स स्लैब में आती थीं, अब 18% टैक्स स्लैब में आ गई हैं। इससे बिजली उत्पादन और ईंधन आधारित उद्योगों की लागत बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा मेन्थॉल डेरिवेटिव्स और बायोडीजल पर भी टैक्स 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है।
22 सितंबर से महंगी होने वाली वस्तुएं
क्रम संख्या वस्तुएं पुरानी GST दर New GST Rates
1 पान मसाला 28% 40%
2 सभी स्वादयुक्त या मीठे पानी (एरेटेड सहित) 28% 40%
3 अन्य गैर-अल्कोहलिक पेय 18% 40%
4 पौधों पर आधारित दूध पेय 18% 40%
5 कार्बोनेटेड फल पेय 28% 40%
6 कैफीनयुक्त पेय 28% 40%
7 कच्चा तंबाकू, तंबाकू अवशेष (पत्तियों को छोड़कर) 28% 40%
8 सिगार, चेरोट, सिगरिलोस, सिगरेट 28% 40%
9 अन्य निर्मित तंबाकू और विकल्प 28% 40%
10 तंबाकू/निकोटीन उत्पाद (बिना दहन के लिए साँस लेने वाले) 28% 40%
11 कोयला, ब्रिकेट्स, कोयले से बने ठोस ईंधन 5% 18%
12 लिग्नाइट (जेट को छोड़कर) 5% 18%
13 पीट (पीट लिटर सहित) 5% 18
14 मेन्थॉल डेरिवेटिव्स (DTMO, DMO, पेपरमिंट तेल, स्पीयरमिंट तेल आदि) 12% 18%
15 बायोडीजल (OMCs को मिश्रण के लिए आपूर्ति को छोड़कर) 12% 18%
16 मोटरसाइकिल (350cc से ऊपर) 28% 40%
17 SUV और लक्जरी कारें 28% 40%
18 रिवॉल्वर और पिस्तौल 28% 40%
19 विमान (निजी जेट, बिजनेस विमान, हेलीकॉप्टर) 28% 40%
20 यॉट और मनोरंजन जहाज 28% 40%
आपकी जेब पर असर
सरकार का कहना है कि इस बदलाव से आम आदमी की रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, लेकिन जिन उत्पादों को हतोत्साहित करना है या जो विलासिता की श्रेणी में आते हैं, उनकी कीमतें बढ़ाई गई हैं। इससे एक ओर सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और पर्यावरण को बढ़ावा देने का संदेश भी जाएगा।







