SUBSCRIBE NOW

Home » Uncategorized » Ganesh Visarjan 2025: घर पर गणेश विसर्जन कैसे करें? इन नियमों का रखें खास ध्यान

Ganesh Visarjan 2025: घर पर गणेश विसर्जन कैसे करें? इन नियमों का रखें खास ध्यान

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

    श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल-:   Anant Chaturdashi 2025: हर साल अनंत चतुर्दशी बड़े धूमधाम साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं। इसी दिन गणपति बप्पा का विसर्जन भी किया जाता है।

 हर साल अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi 2025) बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं। इसी दिन गणपति बप्पा का विसर्जन भी किया जाता है।

आजकल कई लोग अपने घर पर ही गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan at Home) करते हैं। ऐसे में कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि बप्पा की कृपा हमेशा बनी रहे। आइए जानते हैं इस साल अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त और घर पर विसर्जन के नियम।

अनंत चतुर्दशी 2025- तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार अनंत चतुर्दशी 06 सितंबर 2025, शनिवार को मनाई जाएगी।

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ- 06 सितंबर, रात 03:12 बजे

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 07 सितंबर, रात 01:41 बजे

विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त-

प्रातः मुहूर्त- सुबह 07:36 से 09:10 बजे तक

अपराह्न मुहूर्त- दोपहर 12:19 से शाम 05:02 बजे तक

संध्या मुहूर्त- शाम 06:37 से 08:02 बजे तक

रात्रि मुहूर्त- रात 09:28 से 01:45 बजे तक

उषाकाल मुहूर्त (7 सितंबर)- सुबह 04:36 से 06:02 बजे तक

घर पर गणेश विसर्जन के नियम

1. शुभ मुहूर्त में पूजा करें – गणेश विसर्जन से पहले बप्पा की विधिवत पूजा और आरती करें।

2. दीपक और मंत्र जप – देसी घी का दीपक जलाएं और गणपति मंत्रों का जप करें।

3. भोग लगाएं – बप्पा को फल और मोदक अर्पित करें और सुख-शांति की कामना करें।

4. जल से विसर्जन – टब या पात्र में जल भरें, उसमें गंगाजल और पुष्प डालकर विसर्जन करें।

5. क्षमा याचना – बप्पा से पूजन के दौरान हुई जाने-अनजाने गलतियों के लिए क्षमा मांगे।

6. प्रणाम और आग्रह – बप्पा से अगले साल पुनः शीघ्र आगमन की प्रार्थना करें।

7. क्या न करें – विसर्जन के समय काले कपड़े न पहनें, विवाद न करें और किसी के प्रति गलत भाव न रखें।

8. मिट्टी और जल का पुनः उपयोग – विसर्जन की मिट्टी और जल पौधों में डालें, जिससे धार्मिकता और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

READ MORE

Join Us