श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: UP News: गोरखपुर के गोला में करंट हादसे में बेटे मोनू निषाद की मौत के अगले दिन मां भगवानी देवी भी बेटे की अर्थी देखकर चल बसीं। मां-बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। दो महीने पहले ही मोनू की शादी हुई थी। घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
गोरखपुर जिले के नगर पंचायत गोला के वार्ड संख्या 14 में सोमवार और मंगलवार को दो दिनों के भीतर मां-बेटे की मौत से मातम छा गया। सोमवार की शाम मोनू निषाद अपने छोटे भाई शैलू और मां भगवानी देवी को करंट से बचाने के प्रयास में खुद इसकी चपेट में आ गया। मोनू की मौके पर ही मौत हो गई।
दरअसल, शैलू घर में टुल्लू पंप से पानी भर रहा था तभी उसमें अचानक करंट दौड़ गया। शैलू को बचाने गई मां भगवानी भी करंट की चपेट में आ गईं। यह देख मोनू ने दोनों को किसी तरह अलग कर उनकी जान बचा ली, लेकिन खुद की जान गंवा बैठा। शैलू और मां को सीएचसी गोला में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद देर रात घर लौट आए।
बेटे की अर्थी देखकर बेहोश हुई मां
मंगलवार सुबह मोनू के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई। जैसे ही सुबह नौ बजे अर्थी उठी और सरयू घाट की ओर बढ़ी, वहां पहुंची मां भगवानी बेटे को अंतिम विदाई देते हुए सदमे से बेहोश हो गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इलाके में पसरा सन्नाटा
इसके बाद सरयू घाट पर मां और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। मोनू की शादी दो महीने पहले ही हुई थी। पति और सास की मौत की खबर से उसकी पत्नी तीजा की भी तबीयत बिगड़ गई, जो अस्पताल में भर्ती है। इस घटना से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।









