श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल ;- पुरानी छावनी स्थित गंगा मालनपुर गांव में रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती के पड़ोस में ही रहने वाला मनीष कुशवाह उसे परेशान कर रहा था। उसने छात्रा से दोस्ती कर मोबाइल में फोटो खींच लिए थे। जब छात्रा ने बात करना बंद कर दी तो यह फोटो इंटरनेट मीडिया पर डालने की धमकी देकर प्रताड़ित करने लगा। ग्वालियर। पुरानी छावनी स्थित गंगा मालनपुर गांव में रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती के पड़ोस में ही रहने वाला मनीष कुशवाह उसे परेशान कर रहा था। उसने छात्रा से दोस्ती कर मोबाइल में फोटो खींच लिए थे। जब छात्रा ने बात करना बंद कर दी तो यह फोटो इंटरनेट मीडिया पर डालने की धमकी देकर प्रताड़ित करने लगा। जब युवती ने धमकी के बाद भी उससे बात नहीं की तो उसने इंटरनेट मीडिया पर फोटो अपलोड कर दिए। इसी से आहत होकर युवती ने शनिवार शाम को फांसी लगा ली।
पीड़िता व उसकी मां ने थाने में की थी शिकायत
रविवार को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस पूरे मामले में पुरानी छावनी पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। स्वजनों का कहना है कि 2 जुलाई को मनीष कुशवाह से प्रताड़ित होकर पीड़िता व उसकी मां शिकायत करने थाने गए थे। लेकिन पुलिस ने एफआइआर कर आरोपित को जेल भेजने की जगह राजीनामा करा दिया। इसके बाद उसके हौसले और बुलंद हो गए। युवती को मनीष कुशवाह करीब छह माह से परेशान कर रहा था। पहले उसने छात्रा से दोस्ती कर ली थी। छात्रा के साथ उसने अपने मोबाइल में फोटो खींच लिए। जब युवती ने उससे बात करना बंद कर दी तो उसने परेशान करना शुरू कर दिया।
फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किया
2 जुलाई को उसने छात्रा को रास्ते में रोककर छेड़छाड़ की थी। तब पीड़िता अपनी मां के साथ थाने पहुंच गई। पुलिस ने मनीष कुशवाह को भी बुला लिया था, लेकिन कोई कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने राजीनामा कराकर मामला चलता कर दिया। इसके बाद फिर से मनीष उसे परेशान करने लगा। इसी के बाद उसने फोटो भी सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए। यह फोटो छात्रा के स्वजन व रिश्तेदारों ने देख लिए। छात्रा ने फांसी लगा ली। फिलहाल पुरानी छावनी पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है।
स्वजन बोले- पुलिस सख्त कार्रवाई करती तो बच जाती युवती
नईदुनिया ने पीड़िता के स्वजनों से बात की। स्वजनों का कहना था कि उस दिन अगर पुलिस ने आरोपित मनीष कुशवाह पर सख्त कार्रवाई की होती तो शायद वह बच जाती। वह यह कदम न उठाती। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, इसलिए उसके हौसले बुलंद हो गए।
अब रसूखदार राजीनामा करने का बना रहे दबाव
पीड़िता के स्वजनों पर गांव के ही कुछ लोग अब फिर से राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। यह लोग मनीष कुशवाह का नाम न लेने को लेकर पीड़िता के स्वजनों से बात कर रहे हैं।







