सीमा सिंह शहडोल -: पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला की अपहरण जैसे कोई घटना घटित ही नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने ताई मिथलेश और उसके भाई दीपक से देर रात तक कड़ाई से पूछताछ की। इस दौरान मिथलेश टूट गई और उसने बताया कि प्रीति कानपुर निवासी प्रेमी अमन कश्यप के साथ जाने की जिद कर रही थी, उसने आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी।
शिवपुरी। कोतवाली थाना क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज से एक शादीशुदा युवती का अपहरणकांड झूठा निकला। शादीशुदा भतीजी को प्रेमी से मिलाने के लिए उसकी ताई ने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। इस झूठे अपहरणकांड में ताई और चचेरे भाई की मुख्य भूमिका सामने आई है। हालांकि आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि प्रीति आत्महत्या करने की धमकी दे रही थी, इसलिए उसे करनपुर के रहने वाले प्रेमी के साथ जाने दिया।
संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण
वहीं, मंगलवार की देर शाम को पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के कानपुर से शादीशुदा युवती और उसके प्रेमी को पकड़कर शिवपुरी लेकर आई है। फिलहाल पूछताछ में दोनों ने कुछ भी नहीं बताया है। जानकारी के अनुसार कोलारस थाना क्षेत्र के रामनगर पड़ोरा मायका निवासी प्रीति पत्नी अनिकेत परिहार सोमवार को अपनी ताई मिथलेश का उपचार कराने चचेरा भाई दीपक के साथ शिवपुरी मेडिकल कॉलेज आई थी। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसका अपहरण हो गया।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले
पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला की अपहरण जैसे कोई घटना घटित ही नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने ताई मिथलेश और उसके भाई दीपक से देर रात तक कड़ाई से पूछताछ की। इस दौरान मिथलेश टूट गई और उसने बताया कि प्रीति कानपुर निवासी प्रेमी अमन कश्यप के साथ जाने की जिद कर रही थी, उसने आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी। ऐसे में उसे अमन के साथ जाने दिया। वहीं समाज में बदनामी के डर से प्रीति के अपहरण की झूठी अफवाह उड़ाई।
प्रीति और प्रेमी गिरफ्तार
मिथलेश की निशानदेही पर कोतवाली पुलिस सोमवार-मंगलवार की रात 3:30 बजे ही प्रीति और उसके प्रेमी अमन कश्यप की गिरफ्तारी के लिए कानपुर रवाना हुई और मंगलवार शाम 7:30 बजे दोनों को गिरफ्तार कर शिवपुरी लेकर आई है। बता दें कि प्रीति की शादी अप्रैल-2025 में बैराड़ निवासी अनिकेत परिहार के साथ हुई थी और पिछले एक महीने से प्रीति अपने मायके में ही रह रही थी।
‘अपहरण कहानी झूठी’, पुलिस ने कहा
कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौर का कहना है कि अपहरण कहानी झूठी थी, प्रीती के स्वजन ने अपहरण का जो मामला दर्ज करवाया है, उसमें ईआर के लिए न्यायालय में पेश करेंगे और वहां से न्यायालय की अनुमति मिलने के साथ ही षड्यंत्र पूर्वक झूठा मामला दर्ज करवाने, पुलिस को परेशान करने की धाराओं में प्रीति के स्वजन पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
पति से कहा- मुझे तुम्हारी याद आ रही है…
खुद अपहरण की झूठी कहानी गढ़ने वाली प्रीती भले ही पढ़ी लिखी नहीं है, लेकिन उसका दिमाग काफी शातिर है। उसने अपने प्रेमी के साथ भागने से चंद मिनट पहले तक अपने पति अनिकेत परिहार को यह अहसास नहीं होने दिया कि वह उससे नफरत करती है। यह बात अनिकेत ने नईदुनिया से बात करते हुए बताई। अनिकेत के अनुसार जब वह मेडिकल कॉलेज आई थी तो उसने इस बारे में उसे बताया और मेडिकल कालेज से भी उसे फोन किया और कहा कि मुझे तुम्हारी याद आ रही है, तुम मुझे लेने आ जाओ, तुम्हारे बिना मेरा दिल नहीं लग रहा है। इसके बाद उसने यह कहते हुए फोन काट दिया कि वह घर पहुंचकर उससे बात करेगी।
एक साल पहले ही हुई थी सगाई
खास बात यह है कि अनिकेत और प्रीती की शादी भले ही अप्रैल माह में हुई है, परंतु सगाई एक साल पहले हो चुकी थी। वह पूरे एक साल से अनिकेत के साथ लगातार फोन पर बात कर रही थी और उसे ऐसा अहसास दिला रही थी जैसे उनका प्रेम विवाह हो रहा है।
लगातार बदल रही थी सिम
पुलिस सूत्रों की मानें तो दिखने में गांव की भोली भाली दिखने वाली प्रीती के अपहरण की कहानी के बाद जब पुलिस ने उसके मोबाइल और नंबर की पड़ताल की तो यह बात सामने आई है कि प्रीती मोबाइल में लगातार सिम कार्ड बदल रही थी। जब उसे अपने पति से बात करना होती थी तो वह पति द्वारा दिया गया नंबर उपयोग करती थी और प्रेमी से बात करने के लिए अन्य नंबर। वहीं अनिकेत का कहना है कि जब प्रीती बैराड़ रहती थी तो मोबाइल से हाथ ही नहीं लगाती थी। सुबह चार बजे से उठकर एक अच्छी बहू की तरह घर के सारे काम करती थी। इसके अलावा मोबाइल में यू-ट्यूब पर कार्टून आदि देखकर खुश होती थी। ऐसे में वह इस बात का अहसास ही नहीं कर पाया कि उसके दिल और दिमाग में क्या चल रहा है, क्योंकि उसके और उसकी पत्नी के निजी संबंध भी काफी अच्छे चल रहे थे।









