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मध्य प्रदेश में अब सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, ब्लैक स्पॉट के साथ रेड और हॉट स्पॉट भी होंगे चिह्नित

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सीमा सिंह शहडोल -:    मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब जिलों में रेड स्पॉट और हॉट स्पॉट भी चिन्हित किए जाएंगे जहां हादसों की संख्या ज्यादा है। लापरवाही से वाहन चलाने वालों का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित होगा। जिला कलेक्टरों को रोड सेफ्टी प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नया कदम उठाया है। अब सिर्फ ब्लैक स्पॉट ही नहीं, बल्कि सभी जिलों में रेड स्पॉट और हॉट स्पॉट भी चिन्हित किए जाएंगे। ये ऐसे स्थान होंगे जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इसके लिए मापदंड भी तय किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम की पहल
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने हाल ही में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर जिले में रोड सेफ्टी प्लान तैयार किया जाए और ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर वहां सुधार कार्य किया जाए।

सरकार ने साफ कर दिया है कि जो लोग लापरवाही से वाहन चलाते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। 2024 में मध्य प्रदेश में 14 हजार लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जबकि करीब 56 हजार लोग घायल हुए।

रेड और हॉट स्पॉट होंगे चिन्हित

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, रेड और हॉट स्पॉट चिन्हित करने से जिला स्तर की सड़क सुरक्षा समितियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं क्यों हो रही हैं। इसके बाद वहां जरूरी सुधार किए जा सकेंगे। इन सुधारों में सड़क डिजाइन, संकेतक, स्ट्रीट लाइट या स्पीड ब्रेकर जैसे काम शामिल हो सकते हैं।

 

रेड स्पॉट, हॉट स्पॉट और ब्लैक स्पॉट क्या होते हैं?

  • रेड स्पॉट : ऐसा स्थान जहां दुर्घटनाएं लगातार हो रही हों और जिनमें घातक चोट या मौत की संभावना अधिक हो।
  • हॉट स्पॉट : किसी बड़े क्षेत्र जैसे कस्बे या कॉलोनी को माना जाता है जहां पूरे क्षेत्र में दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हों।

 

  • ब्लैक स्पॉट : ऐसा क्षेत्र (आधा किमी तक) जहां एक साल में कम से कम 5 बड़ी दुर्घटनाएं हुई हों और उनमें 10 या अधिक मौतें हुई हों।

 

कलेक्टरों की निगरानी में किया जाएगा कार्य

अब तक प्रदेश में केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान होती थी, लेकिन अब उनका दायरा बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2021 में प्रदेश में 395 ब्लैक स्पॉट थे जो अब बढ़कर 480 हो गए हैं। ये भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। सभी जिलों में यह कार्य कलेक्टरों की निगरानी में किया जाएगा और संबंधित विभाग जैसे PWD, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम आदि की मदद ली जाएगी।

Shreya News
Author: Shreya News

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