सीमा सिंह शहडोल -: Animal Sacrifice: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के तिलोनी गांव में स्थित ठाकुर बाबा के स्थान पर एक धार्मिक आयोजन में करीब 300 बकरों की बलि दी गई। यह आयोजन सोमवार को हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। बलि प्रथा को लेकर शासकीय नियमों और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सख्त दिशा-निर्देश हैं।
विदिशा/लटेरी (Vidisha News)। लटेरी जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत तिलोनी में स्थित ठाकुर बाबा के स्थान पर एक दिन पहले सोमवार को सैकड़ों भक्तों ने पूजा-पाठ और भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान करीब 300 बकरों की बलि दी गई।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को इस धार्मिक आयोजन में सिरोंज, शमशाबाद के अलावा राजगढ़ जिले के ब्यावरा और सुठालिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। इनमें से कुछ लोग अपने साथ बकरा भी लेकर आए थे।
बलि प्रथा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर।
पूजन के बाद उन्होंने धार्मिक स्थल से करीब 200 मीटर दूर वटवृक्ष के समीप इन बकरों की बलि दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार को दिन भर में करीब 300 बकरों की बलि दी गई। मालूम हो,प्रदेश में, बलि प्रथा को लेकर शासकीय नियमों और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सख्त दिशा-निर्देश हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन को लटेरी मुख्यालय से सटे गांव में इतने बड़े आयोजन की खबर ही नहीं लगी।
एसडीएम ने कहा- इसकी जांच कराएंगे
मंगलवार को जब नवदुनिया ने लटेरी एसडीएम विनीत तिवारी से इस संबंध में बात की तो उन्होंने इस गांव के संबंध में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। जब उन्हें बताया गया कि यहां एक दिन में करीब 300 बकरों की बलि दी गई तो उनका कहना था कि वे इसकी जांच कराएंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
ज्यादातर लोग क्षेत्र से बाहर के होते हैं
इधर, तिलोनी गांव के युवा उदय यादव का कहना है कि गांव में ठाकुर बाबा के देव स्थान पर सप्ताह में चार दिन रविवार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इनमें अधिकांश लोग उनके क्षेत्र से बाहर के होते हैं।
कुछ साल पहले शुरू हुआ बलि देना
उदय के मुताबिक ठाकुर बाबा यहां के प्रख्यात संत है और उनका प्राचीन मंदिर बना हुआ है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यहां बलि की परंपरा शुरू हो गई है। उन्होंने लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। उनका कहना था कि अब इस दिशा में प्रशासन को पहल करना चाहिए।







