शहडोल (सीमा सिंह) Son Ghariyal Sanctuary : सोन घड़ियाल अभयारण्य में तीन मादा घड़ियालों के 80 अंडों से बच्चे निकले हैं। विभाग इनकी निगरानी में जुटा हुआ है। पांच अन्य मादा घड़ियाल के अंडों से जल्द ही बच्चे निकलने की संभावना है। अभयारण्य में घड़ियाल, मगरमच्छ, स्कीमर और कछुओं की कई प्रजातियां पाई जाती हैं।
, सीधी। सोन घड़ियाल अभयारण्य से एक खुशखबरी आई है। बुधवार और गुरुवार को तीन मादा घड़ियालों के अंडों से 80 बच्चे निकले हैं, जबकि पांच और मादाओं के अंडों से एक-दो दिन में बच्चे निकल सकते हैं। इसकी तैयारी में अमला जुटा हुआ है।
सोन घड़ियाल अभयारण्य में 14 जनवरी 2024 को चंबल अभयारण्य से एक नर घड़ियाल लाकर छोड़ा गया था। इसके बाद आठ मादा घड़ियाल ने करीब 120 अंडे दिए थे। इसके बाद घड़ियाल ने खुद अंडों की सुरक्षा की थी।
विभाग का अमला भी सुरक्षा में जुटा रहा। 21 और 22 मई को तीन मादा घड़ियाल के 80 अंडों से बच्चे निकले हैं। खास बात तो यह है कि घड़ियाल के बच्चे 15 दिन का भोजन अपने पेट में संचित करते हैं।
एक नजर में अभयारण्य
अभयारण्य में 2025 में की गई जलीय जीव जंतुओं एवं पक्षियों की गणना में घड़ियाल 38, मगरमच्छ 74, स्कीमर -41, 49 प्रकार के कुल 4015 पक्षी, तथा कछुआ, मछलियों की अनेक प्रजातियां, जलीय सर्प एवं अन्य जलीय जीव पाए गए।
प्रजनन केंद्र रूप में हो रहा विकसित
अत्यधिक जैविक दबाव एवं अभयारण्य पर मंडरा रहे अस्तित्व के संकट के बीच अभयारण्य घड़ियाल, स्कीमर सहित अन्य दुर्लभ जलीय जीव-जंतुओं के लिए प्रजनन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
अंडों में से 80 बच्चे निकले हैं
सोन घड़ियाल अभयारण्य में तीन मादा घड़ियाल के अंडे से 80 बच्चे निकले हैं। विभाग इनकी निगरानी में जुटा हुआ है। पांच अन्य मादा घड़ियाल के अंडों से जल्द ही बच्चे निकलेंगे। – सुधीर मिश्रा, एसडीओ, संजय टाइगर रिजर्व







