शहडोल (सीमा सिंह) मुंबई/पुणे: कोरोना का नाम सुनकर भी कई लोगों को डर लगता है. 2020 से 2021 तक कई लोगों ने कोरोना के मरीजों को करीब से देखा है. कई लोगों ने अपने किसी करीबी को खो दिया है. कई लोगों के पास इन दो वर्षों की काली यादें हैं. अब एक बार फिर एक नया कोरोना वायरस पाया गया है. इसके कारण चिकित्सा क्षेत्र में इस समय चिंता जताई जा रही है. महाराष्ट्र में कोविड महामारी के दौरान सरकार और प्रशासन द्वारा किए गए कामों पर फिलहाल सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं.
ऐसे में क्या हम इस नए वेरिएंट का सामना करने के लिए तैयार हैं? यह सवाल उठ रहा है. इसका कारण मुंबई में दो मरीजों की मौत है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित केईएम अस्पताल में दो मरीजों की मौत हुई है. ये मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए थे. इसमें एक 14 साल की बच्ची की मौत हुई है.
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इस बच्ची की कोविड से मौत होने से इनकार करते हुए कहा है कि इस बच्ची को किडनी की समस्या थी. वह किडनी की बीमारी से पीड़ित थी. जिसकी वजह से उसकी मौत हुई.
दूसरी मौत 59 साल की महिला की हुई है. यह महिला भी कोविड पॉजिटिव पाई गई थी. हालांकि, केईएम अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस महिला की भी मौत कोरोना से नहीं बल्कि कैंसर से हुई है.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, “दोनों मरीजों के फेफड़ों पर कोविड का कोई असर नहीं पाया गया. दोनों में कोविड का हल्का संक्रमण पाया गया है. यह महज एक संयोग है. अस्पताल में मरीज की मौत के बाद नियमित रूप से कोविड टेस्ट किए जाते हैं और इसी प्रक्रिया के तहत दोनों मरीज पॉजिटिव पाए गए.”
बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आमतौर पर एक महीने में कोविड मरीजों के 8 से 9 मामले आते हैं. पिछले कुछ दिनों में मौसम में आए बदलाव के कारण इसमें थोड़ी वृद्धि हुई है.
महाराष्ट्र में कोरोना का कोई खतरा नहीं
नायर अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश डेरे के अनुसार, “वर्तमान कोरोना वायरस दूसरे देशों में अधिक पाया जाता है. फिलहाल हमारे देश और महाराष्ट्र में इसका कोई खतरा नहीं है. सावधानी बरतना जरूरी है. हमें उचित सावधानी बरतनी चाहिए. भीड़ में जाने पर मास्क पहनना, स्वच्छता बनाए रखना और उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है. अगर आप मास्क नहीं पहनते हैं, तो भी आप भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अपने मुंह और नाक को साफ रूमाल से ढक सकते हैं. हालांकि हमारे देश में अभी कोरोना का असर नहीं दिख रहा है, लेकिन सावधानी बरतनी चाहिए.”
कोरोना को लेकर बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह ने कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है. हम कोविड पर नजर रख रहे हैं. मौसमी बदलाव के कारण संक्रमण की संभावना है. मई महीने में कोविड मरीजों में थोड़ी वृद्धि हुई है. हालांकि, मरीजों में हल्के लक्षण हैं. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. खासकर बुजुर्गों और जिन्हें पहले से अन्य बीमारियां हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए. उन्हें मास्क का उपयोग करना चाहिए, स्वच्छता बनाए रखना चाहिए और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए. इसी तरह, अगर आपको कोरोना वायरस के लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज लें.”

डॉ. कपिल जिरपे
हमें सावधान रहना चाहिए…
पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. कपिल जिरपे ने कहा, “तीन देशों में कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं. कोविड वायरस के नए वेरिएंट आते रहेंगे. घबराने की कोई बात नहीं है. अभी जो नया वायरस है, वह उन देशों के लिए खतरनाक है. जैसे हमें सर्दी-खांसी होती है. यह वायरस वैसा ही है. घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए. जिन देशों में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, इसीलिए वे कोविड की जांच कर रहे हैं. हमारे यहां भी हजारों मरीज हो सकते हैं. लेकिन, अगर हम जांच करेंगे, तो पाएंगे कि वे मरीज बढ़े हैं. यह नया वायरस ओमीक्रॉन वायरस का अपडेटेड वेरिएंट होने की संभावना है. लेकिन इससे घबराने की कोई बात नहीं है.”
आईएमए महाराष्ट्र के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अविनाश भोंडवे ने कहा, “कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद हम फिलहाल स्थानिक (endemic) स्थिति में हैं. इसका मतलब है कि यह बीमारी सिर्फ कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित है. यह नया कोरोना वायरस न तो बहुत घातक है और न ही आक्रामक. साथ ही, 2021 के अंत और 2022 की शुरुआत में, जब कोविड लगभग खत्म हो गया था. उसके बाद सरकार ने टीकाकरण भी बंद कर दिया. कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर नई दवाओं के लिए कोई शोध नहीं हुआ. यह वायरस निश्चित रूप से खतरनाक नहीं है, लेकिन यह चिंता का विषय जरूर है.”
स्वास्थ्य विभाग की बैठक में की जाएगी समीक्षा
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा, “मैंने भी इस बारे में खबरें देखी और पढ़ी हैं. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग और मुंबई महानगरपालिका स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें इस संबंध में क्या उपाय किए जा सकते हैं और वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी समीक्षा की जाएगी. इसकी समीक्षा करने के बाद आगे के उपायों की योजना बनाई जाएगी.”
डॉ कपिल जिरपे ने भी लोगों से अपील की, “नए वायरस के बारे में चर्चा केवल भारत में हो रही है और हांगकांग, सिंगापुर और थाईलैंड में इसके बारे में कोई चर्चा नहीं है. कोविड एक वायरस है. ऐसे कई वायरस हैं. हमें जीवन भर इसका ध्यान रखना है. अगर किसी को सर्दी, खांसी या बुखार है, तो सभी को सावधानी बरतनी चाहिए ताकि दूसरों को परेशानी न हो. साथ ही भीड़ में जाने से बचें और मास्क का उपयोग करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी समस्या के मामले में अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श करना बहुत जरूरी है. वर्तमान में, कोविड के बारे में डर व्यक्त किया जा रहा है या अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर विश्वास न करें.”







