सीमा सिंह शहडोल -: युवकों ने दुकान से गुटखा खरीदा और फिर ऑनलाइन भुगतान का झांसा देकर चंपत हो गए। उनके जाने के बाद जब ऑनलाइन रुपये प्राप्त नहीं हुए तो दुकान संचालक ने सीसीटीवी कैमरा देखा। उसमें रसगुल्ला चोरी का खुलासा हुआ। 125 रुपये के रसगुल्ले का डिब्बा चोरी की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर पंजीबद्ध कर ली।
- रसगुल्ले की चोरी पर एफआईआर का अब करेंगे खात्मा।
- भारतीय न्याय संहिता में 5 हजार से कम की चोरी असंज्ञेय।
- नए कानून के नियमानुसार यह मामला नहीं होना था दर्ज।
125 रुपये के एक पाव रसगुल्ले की चोरी की एफआईआर दर्ज कर सुर्खी बटोरने वाली पुलिस अब बैकफुट पर आ गई है। सिहोरा थाना प्रभारी मामले का खात्मा काटने की बात कह रहे हैं। दरअसल प्रदेश में संभवत: यह पहला मामला है, जहां नए कानून के तहत इतनी छोटी चोरी दर्ज हुई है। एक जनवरी, 2025 से लागू भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत इसे असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा जाता है जिसका मामला दर्ज नहीं होता बल्कि अदम चेक के तहत प्रकरण संज्ञान लिया जाना था।

क्या है यह मामला
- सिहोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 में स्थित शीला विश्वकर्मा की बेकरी की दुकान पर पहुंचे दो युवकों एक पाव का रसगुल्ले का एक डिब्बा पार कर दिया।
- बेकरी की दुकान में गुटका भी बेचा जा रहा था। लिहाजा, चोरी के बाद युवकों ने दुकान से गुटखा खरीदा और फिर ऑनलाइन भुगतान का झांसा देकर चंपत हो गए।
- उनके जाने के बाद जब ऑनलाइन रुपये प्राप्त नहीं हुए तो दुकान संचालक ने सीसीटीवी कैमरा देखा।
- उसमें रसगुल्ले चोरी का खुलासा हुआ। 125 रुपये के रसगुल्ले का डिब्बा चोरी की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर पंजीबद्ध कर ली।
जांच में लेना था मामला
- नए कानून में पांच हजार रुपये के कम मूल्य की चोरी असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है।
- ऐसे मामलों का इस्तगाशा न्यायालय भेजा जाता है। छोटी चोरी की एफआईआर दर्ज नहीं होती है।
- एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा कहते हैं कि अदम चेक के माध्यम से मामला जांच में लिया जाना चाहिए।
- इससे पहले के कानून में 100 रुपये से ऊपर की चोरी में मामला दर्ज होता था।
- अब यह राशि पांच हजार हो गई है। सीसीटीवी फुटेज देखकर हड़बड़ी में मामला दर्ज हो गया है।
एएसआई पर कार्रवाई नहीं
- रसगुल्ले चोरी का मामला दर्ज किया गया है जिसका खात्मा कर दिया जाएगा। विपिन बिहारी सिंह, थाना प्रभारी, सिहोरा का कहना है कि एएसआई ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दुकान के अंदर मानकर मामला दर्ज किया इसलिए धारा बढ़ी।
- जिस एएसआई ने प्रकरण दर्ज करने की त्रुटि की है, उसके विरुद्ध फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई है।
.jpg)
.jpg)







