सीमा सिंह शहडोल -: एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की वृद्धि होगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जाएगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी।
- एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की वृद्धि होगी।
- ये दाम प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए लागू होंगे।
- अन्य के लिए अब गैस 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी।
अप्रैल के महीने से अब आम आदमी की जेब पर भार पड़ने वाला है। अब रसोई गैस के भी दाम बढ़ गए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की वृद्धि होगी। 500 से यह 550 (प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए) हो जाएगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी।
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यह एक ऐसा कदम है जिसकी हम आगे बढ़ने के साथ समीक्षा करेंगे। हम हर 2-3 सप्ताह में इसकी समीक्षा करते हैं। इसलिए, आपने जो उत्पाद शुल्क में वृद्धि देखी है, उसका बोझ पेट्रोल और डीजल पर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस उत्पाद शुल्क वृद्धि का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को 43,000 करोड़ रुपये की भरपाई करना है, जो उन्हें गैस के हिस्से पर हुए नुकसान के रूप में हुआ है…”
घरेलू सिलेंडर 50 रुपये महंगा करके आमजन पर बढ़ा दिया और बोझ : कमल नाथ
- भारत सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के मूल्य में 50 रुपये की वृद्धि करने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इसे जन विरोधी निर्णय बताते हुए वापस लेने की मांग की है।
- उन्होंने कहा कि दाल, सब्जियां, खाद्य तेल, आटा और राशन का दूसरा सामान पहले से ही महंगा है। इस पर रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतें जन जीवन को प्रभावित करेंगी।
- इस मूल्य वृद्धि ने जनता पर महंगाई का बोझ और भी बढ़ा दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि अलग अलग संस्थाओं की रिपोर्ट बताती है कि बढ़ी हुई महंगाई के कारण लोग कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
- बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तक का खर्च नहीं उठा पा रहे। ऐसे में सरकार को महंगाई में राहत देने का कोई कदम उठाना चाहिए था।
- लेकिन गैस सिलेंडर महंगा करके आम आदमी की पीड़ा का मजाक उड़ाया गया है। केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती थी।
- वर्तमान सरकार ने इसे समाप्त कर दिया और धीरे-धीरे गैस सिलेंडर के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं।

पेट्रोल और डीजल के भी दाम बढ़े
- केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “आपने वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना देखी होगी जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है।
- मैं पहले ही स्पष्ट कर दूं कि इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत घटकर लगभग 60 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, लेकिन कृपया याद रखें कि हमारी तेल विपणन कंपनियां 45 दिनों की अवधि के लिए स्टॉक रखती हैं।
- अगर आप जनवरी में वापस जाएं, तो उस समय कच्चे तेल की कीमत 83 डॉलर थी, जो बाद में घटकर 75 डॉलर हो गई।
- इसलिए उनके पास जो कच्चे तेल का स्टॉक है, वह औसतन 75 डॉलर प्रति बैरल है…आप उम्मीद कर सकते हैं कि तेल विपणन कंपनियां वैश्विक कीमत के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी करेंगी।
- एक विनियमन मुक्त क्षेत्र में, आप उनसे बाजार खुदरा मूल्य को तदनुसार समायोजित करने की उम्मीद कर सकते हैं।”










