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खास दुकान से यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब खरीदने को किया मजबूर, तो एमपी में स्कूल पर होगा एक्शन

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    सीमा सिंह शहडोल -:    मध्य प्रदेश में अब निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर फीस स्ट्रक्चर सहित तमाम जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश जारी किया है। पेरेंट्स को भी किसी खास दुकान से चीजें खरीदने को मजबूर नहीं किया जा सकेगा।
  • नईदुनिया ने उठाया था मुद्दा, तब जारी हुआ आदेश
  • संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े ने जारी किया पत्र
  • डीईओ को दी गई स्कूलों पर निगरानी की जिम्मेदारी

निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।

स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है।

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नईदुनिया ने उठाया था मुद्दा, तब जारी हुआ आदेश

  • नईदुनिया में निजी स्कूलों की इस मनमानी पर रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कॉपी-किताब व ड्रेस खरीदने का दबाव बनाने पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।
  • संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।
  • ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।
  • किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं।

डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारी

आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं।

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एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य

आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Shreya News
Author: Shreya News

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