सीमा सिंह शहडोल -: हर बदलते मौसम का असर सब्जियों के दामों पर पड़ता है। ग्वालियर मंडी से खबर है कि गर्मी की शुरुआत में तो आम आदमी के लिए राहत है। हालांकि सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे आवक प्रभावित होगी और सब्जियां महंगी हो जाएंगी।
- आलू 25 से घटकर 15 रुपये किलो पर आया
- प्याज के भाव भी 40 से गिरकर 25 रुपये पर
- हरी मिर्च और धनिया के दाम स्थिर बने हुए हैं
गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दी है, लेकिन हरी सब्जियों ने अभी अधिक तेजी नहीं पकड़ी है। सब्जियों के भाव अब भी सामान्य हैं। टमाटर, धनिया व हरी मिर्च आम आदमी के बजट में नजर आ रहे हैं। आलू व प्याज के दामों में अवश्य गिरे हैं।
आलू 25 से 30 रुपये किलो से घटकर 15 से 16 रुपये किलो पर आ गया है। प्याज के भाव भी 40 से 50 रुपये से गिरकर 25 रुपये किलो पर आ गए हैं।

जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा, दाम भी बढ़ेंगे
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी अपना रंग दिखाएगी, वैसे-वैसे सब्जियों के दाम पर ऊपर जाएंगे। फिलहाल सब्जियों में तेजी नजर नहीं आ रही है। गर्मी शुरू होते ही मटर अवश्य गायब हो गई है।
पालक और मैथी 10 से 20 रुपये किलो पर अटकी हुई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंड़ी और बाजार में ठेले वालों के दाम अलग से छत्री मंड़ी में लगने वाली सब्जी मंड़ी और ठेलों पर बिकने वाली सब्जियों के दामों में जमीन आसमान का अंतर है।

सिटी सेंटर और थाटीपुर चौराहे के आसपास लगने वाले सब्जी के ठेलों पर सब्जी के दाम छत्री मंड़ी के दामों लगभग दोगुना का अंतर है। इस संबंंध में ठेले वालों का कहना है कि दामों में अंतर सब्जी के गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
उनका कहना है कि भाड़े से भी दाम बढ़ जाते हैं। हम लोग घर के दरवाजे पर सब्जी उपलब्ध कराते हैं। अगर मंडी जाओगे तो उतना ही पेट्रोल लग जाएगा और समय भी अधिक खराब होगा।







