सीमा सिंह शहडोल – मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP Employees Selection Board) ने परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब तक नार्मलाइजेशन फार्मूले के कारण कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पूर्णांक से अधिक अंक मिल गए थे। इस समस्या को दूर करने के लिए ईएसबी ने नार्मलाइज्ड इक्वी-पर्सेंटाइल (एनईपी) स्केलिंग टेक्निक अपनाने का फैसला किया है।
- अब एनईपी पद्धति से परिणाम तैयार करने की नई प्रक्रिया होगी।
- एक चरणीय परीक्षा के परिणाम में अब पूर्णांक से अधिक अंक नहीं।
- बहु चरणीय परीक्षाओं के परिणाम भी एनईपी पद्धति से तैयार होंगे।
भोपाल(MP ESB Result)। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) इस साल से परीक्षा संचालन से लेकर परिणाम तैयार करने में नई तैयारी कर रहा है। अभी तक ईएसबी की कई परीक्षाओं के परिणाम में यह मामले सामने आते रहे हैं कि अभ्यर्थी को पूर्णांक से अधिक अंक मिल गए।
इसे लेकर भर्ती परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने में अब नार्मलाइजेशन फार्मूले में बदलाव करते हुए नार्मलाइज्ड इक्वी-पर्सेंटाइल (एनईपी) स्केलिंग टेक्निक अपनाई जाएगी।
नई प्रकिया तय की
इस संबंध में ईएसबी ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पद्धति का उपयोग इस साल से सभी परीक्षाओं में किया जाएगा। इसके लिए ईएसबी ने चार अगस्त 2016 के आदेश को निरस्त करते हुए नई प्रक्रिया तय की है।

अब जिन परीक्षाओं का आयोजन एक से अधिक पारी में होगा, उनके परिणाम एनईपी पद्धति के आधार पर तैयार होंगे। इसमें एक पारी में एक से अधिक विषय के प्रश्नपत्र देने वाले आवेदकों और बहु चरणाीय परीक्षाओं के परिणाम इसी पद्धति से तैयार किए जाएंगे।
ऐसे तैयार होंगे परिणाम
एक चरणीय परीक्षा के परिणाम के लिए प्रत्येक पारी में उपस्थित उम्मीदवारों की संख्या और उनके स्कोर के आधार पर पर्सेंटाइल निकाला जाएगा। फिर सभी पारी के पर्सेंटाइल स्कोर को मिलाकर अंतिम प्रावीण्य सूची तैयार होगी।

वहीं बहु चरणीय परीक्षा के पहले चरण के पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर वेल्यू निकाली जाएगी। फिर टी-स्कोर की गणना होगी, जिसमें पेपर के अधिकतम अंकों का आधा और मानक को ध्यान में रखा जाएगा।
नया फार्मूला तैयार
अभी नार्मलाइजेशन फार्मूले के कारण ऐसे कई प्रकरण देखने को मिले, जिनमें परीक्षार्थी ने पूर्णांक से ज्यादा स्कोर प्राप्त किया। इस कारण नया फार्मूला एनईपी तैयार किया गया है। – साकेत मालवीय, निदेशक, ईएसबी, भोपाल







