सीमा सिंह शहडोल -; निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व, अपराध शमन राशि एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। लोक अदालत के दौरान छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी /अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। आवेदक अन्य कोई कनेक्शन भी है, तो वहां की राशि पूर्ण जमा होना चाहिए।
- इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम जिलों में सर्वाधिक नोटिस दिए गए हैं।
- हजारों समझौते के लिए ऊर्जा विभाग के आदेशानुसार अपील की गई हैं।
- लोक अदालत में 10 लाख रुपये तक के सिविल प्रकरणों में समझौता होगा।
,इंदौर। इस वर्ष की पहली लोक अदालत 8 मार्च शनिवार को आयोजित होगी। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने लोक अदालत में पुराने प्रकरणों के निराकरण की तैयारी की है। मुख्य सतर्कता अधिकारी कामेश श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी प्रबंधन के मार्गदर्शन में लोक अदालत की मुख्यालय की ओर से आयोजित प्रभावी तैयारी कर छूट के संबंध में नोटिस दिए गए हैं।

- इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम जिलों में सर्वाधिक नोटिस दिए गए हैं, इन जिलों में हजारों नोटिसों का वितरण कर समझौते के लिए ऊर्जा विभाग के आदेशानुसार अपील की गई हैं।
- इस लोक अदालत में 10 लाख रूपये तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौता हो सकेगा।
- मुख्य सतर्कता अधिकारी ने बताया कि लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता होगा।

- प्री लिटिगेशन के निम्नदाब श्रेणी के पात्र घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी छूट मिलेगी।
- प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट देंगे।
- इसी तरह लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।







