सीमा सिंह शहडोल यूपी के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर बैठकर रील देखते रहते हैं। यह डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल ब्लंडर की सरकार है। न लखनऊ की सरकार कुछ देख पा रही है और न दिल्ली की।
ये बातें सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज के समधन कस्बे में मीडिया से कहीं। अखिलेश यादव मंगलवार को दिवंगत पूर्व चेयरमैन हाजी हसन सिद्दीकी के आवास समधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद अखिलेश यादव कन्नौज पहुंचे। जहां सपा नेता आकाश शाक्य के आवास पर आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
अखिलेश ने कानपुर में पान मसाला कारोबारी पर पड़े छापे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब नागरिक हथकड़ियों में जकड़े जाएंगे, तो बाजार और व्यापार में क्या ताकत रह जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार बाजार दूसरों को दे रही है और कारोबार बढ़ाने में रुचि नहीं ले रही।

महा-कुंभ बना महा-प्रचार, सरकार ने गिनती छिपाई जिस कुंभ की तैयारी भव्य स्तर पर होनी चाहिए थी, उसका नाम तो ‘महा-कुंभ’ रख दिया गया, लेकिन इंतजाम महा-प्रचार के लिए किए गए। सरकार ने दावा किया कि 100 करोड़ श्रद्धालु भी आएं तो उनके लिए व्यवस्थाएं पूरी रहेंगी, लेकिन व्यवस्थाओं के बजाय इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और सोशल मीडिया पर प्रचार को तवज्जो दी गई। बड़े-बड़े चेहरे बुलाए गए, इंस्टाग्राम रील्स बनीं, लेकिन आम श्रद्धालुओं की परेशानी और अव्यवस्थाओं की गूंज अब सुनाई देने लगी है।
144 साल का गणित प्रयागराज की धरती पर कुंभ का आयोजन सम्राट हर्षवर्धन के समय से होता आ रहा है, लेकिन भाजपा इसे ‘पहली बार’ का आयोजन बताकर नया इतिहास लिखने में जुटी है। सरकार के 144 साल में एक बार होने वाले कुंभ के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। ज्योतिष और खगोल विज्ञान की मानें तो 12 साल में एक बार कुंभ होता है, फिर ये 144 साल का आंकड़ा कहां से आया।

श्रद्धालु उमड़े, लेकिन सरकार आंकड़े छिपा रही श्रद्धालुओं की आस्था महाकुंभ में उमड़ पड़ी। अब तक 65-70 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं, लेकिन बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अब भी इंतजार में हैं। सरकार को चाहिए कि आयोजन की अवधि बढ़ाए, लेकिन सरकार अभी तक यात्रियों की वास्तविक संख्या छिपाने में लगी है।
हादसे पर खामोशी, लापता लोगों का कोई रिकॉर्ड नहीं भीड़ नियंत्रण में नाकाम सरकार की भगदड़ से कई लोगों की जान गई। लेकिन सरकार सिर्फ डुबकी लगाने वालों की मौतें गिन रही है, भगदड़ में जान गंवाने वालों की सही गिनती अब तक नहीं आई। कई लोग लापता हैं, लेकिन उनके परिवार जब जानकारी के लिए थानों में जाते हैं, तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है।
दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे में भी सरकार की नाकामी खुलकर सामने आई। बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार इनकी सही संख्या बताने से बच रही है।

27 में चुनाव होगा उसमें बीजेपी की चार सौ बीसी नहीं चलेगी भाजपा पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इन्होंने मिल्कीपुर में बेइमानी की है, 420सी की है। हमारा कार्यकर्ता देख रहा है इनको जनता देख रही है। इस बार जब 27 में चुनाव होगा, एक में तो 420सी कर सकते हो, पुलिस प्रशासन लगा करके जात के आधार पर अधिकारी पोस्ट करके। लेकिन 403 विधानसभाओं में इनकी 420सी नहीं चल पाएगी। और अब तो बीजेपी वाले बीजेपी के ही सगे नहीं है।
अमृतकाल में अमेरिका ने लोगों को अमृतसर में भेजा है हमारा देश इतना कमजोर नहीं है जितना बना दिया है भाजपा वालों ने, ये हर चीज के लिए झुक जा रहे हैं। जिस समय प्रधानमंत्री जी लौटे हैं उसी समय अमेरिका ने एक और जहाज रवाना कर दिया। जिसमें लोग हथकड़ी और बेड़ियां पहनकर आए। अमृतकाल में अमेरिका ने लोगों को अमृतसर में भेजा है। वो इसी लिए की उन्हें अमृतकाल और अमृतसर कुछ तालमेल नजर आ रहा है।







