Madhya Pradesh . 31 Jan 2025 . Saniya Ansari
भोपाल में जयश्री गायत्री फूड कंपनी के मालिक की पत्नी पायल मोदी ने ईडी की रेड (ED Raid in Bhopal) के बाद जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। पायल ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद गुरुवार शाम को कंपनी के संचालक किशन मोदी की पत्नी पायल मोदी ने अपने शाहपुरा बी-सेक्टर स्थित घर में जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया।
एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। जहर खाने से पहले पायल ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि सुसाइड नोट में पायल ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के नाम लिखकर उनको जिम्मेदार ठहराया है।
लोजपा नेता पर लगाया आरोप
सुसाइड नोट में पायल ने लिखा है कि चंद्रप्रकाश पांडे और उनके भाई लोजपा के वेदप्रकाश पांडे ने हमारी कंपनी में चोरी की थी। इसको लेकर प्रकरण भी दर्ज करवाया था, लेकिन दोनों भाई अपनी राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर बच गए और अब हमारी कंपनी पर ईओडब्ल्यू, एफएसएसएआई, सीजीएसटी और अब ईडी की कार्रवाई करवा रहे हैं।
पति को मारने की धमकी देते थे
मेरे पति किशन मोदी को कई बार जान से मारने की धमकी भी मिली है। ऐसे में मेरे पास तीन छोटे बच्चों को छोड़कर मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। सुसाइड नोट में सुनील त्रिपाठी, भगवान सिंह मेवाड़ा और हितेश पंजाबी के नाम भी लिखे हैं।
पुलिस दर्ज करेगी महिला के बयान
चूनाभट्टी थाना प्रभारी भूपेंदर कौर संधू ने बताया कि पायल और उनके स्वजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। बता दें कि ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के अंतर्गत भोपाल में कंपनी के संचालक किशन मोदी, पायल मोदी और अमित कुकलोद के आवासीय परिसरों के साथ ही सीहोर और मुरैना में कंपनी परिसरों समेत छह स्थानों पर बुधवार को छापा मार कार्रवाई की थी।
66 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले
इस कार्रवाई में ईडी ने 6.26 करोड़ रुपये की फिक्स डिपाजिट राशि बंधक (फ्रीज) कर ली। दो कारें और 25 लाख रुपये नकद भी सीज किए हैं। सभी जगह से 66 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
यह कार्रवाई ईडी ने जयश्री गायत्री फूड कंपनी के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र के आधार पर की। पूर्व में हुई जांच में पता चला कि कंपनी अपने निदेशकों के माध्यम से जाली लैब प्रमाण पत्रों का उपयोग करके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलावटी दूध उत्पादों के उत्पादन और आपूर्ति कर रही थी।







