Bihar . 28 Jan 2025 . Saniya Ansari
बिहार के भोजपुर जिले में अचानक कई लोगों को अपने प्लॉट हिंद महासागर में नजर आने लगे। बाद में पता चला कि फोन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण DCS ऐप में ऐसी समस्या देखी जा रही है। बात में इसे ठीक कर लिया गया।

बिहार के भोजपुर जिले में कृषि अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब उन्हें एक मोबाइल ऐप में कुछ प्लॉट हिंद महासागर में दिखाई दिए। जिन जगहों पर ये प्लॉट नजर आ रहे थे वे वास्तविक जगह से 6500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर थे। बाद में जिला कृषि अधिकारी ने साफ किया कि तकनीकी कारण से हुई इस गड़बड़ी का पता राज्यव्यापी डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) के दौरान प्रकाश में आया। बता दें कि यह डिजिटल फसल सर्वेक्षण राज्य के सभी जिलों में विभिन्न कृषि मौसमों के दौरान बोई जाने वाली फसलों की स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।
‘समस्या को तुरंत सुलझा लिया गया’
भोजपुर के जिला कृषि अधिकारी (DAO) शत्रुघ्न साहू ने सोमवार को बताया, ‘जगदीशपुर ब्लॉक के अंतर्गत जंगल महल पंचायत में हाल में इस अभ्यास के दौरान, तकनीकी गड़बड़ी के कारण DCS ऐप में कुछ प्लॉट 6500 किलोमीटर से ज्यादा दूर, हिंद महासागर में या उसके पास दिखाई दिए। बाद में पता चला कि उनके मोबाइल फोन की सेटिंग में दिक्कत के कारण यह समस्या सामने आई। संबंधित अधिकारियों के मोबाइल फोन की सेटिंग अपडेट करने के बाद इसे तुरंत सुलझा लिया गया।’ उन्होंने कहा कि अब तक जिलों में 1.15 लाख कृषि प्लॉट की फसलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।
जुलाई 2026 तक पूरा होना है सर्वे
DAO ने कहा कि इस कार्य में 300 से अधिक अधिकारी लगे हुए हैं। 20 अगस्त 2024 को बिहार के 45000 राजस्व गांवों में जमीन सर्वे की प्रक्रिया को शुरू किया गया था। इसे जुलाई 2025 तक खत्म हो जाना था, लेकिन कुछ रुकावटें सामने आने के बाद सर्वे को पूरा करने की मियाद को एक साल बढ़ा दिया गया। अब जमीन सर्वे की प्रक्रिया को जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार में जमीन के दस्तावेजों को स्कैन करके उनका डिजिटल रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। माना जा रहा है कि सरकार के इन कदमों से किसानों को काफी सहूलियत होगी।







