Madhya pradesh . 03 Jan 2025 . Saniya Ansari
इंदौर में मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी अब आखिरी दौर में है। मेट्रो ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक नई उपलब्धि हासिल कर लेगी।

इंदौर में जल्द ही मेट्रो ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। मेट्रो रेल परियोजना के वाणिज्यिक परिचालन को अब मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की हरी झंडी का इंतजार है और सब कुछ ठीक रहा, तो शहर में इस महीने या अगले महीने से मेट्रो रेल दौड़ना शुरू कर सकती है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीएमआरएस की हरी झंडी का इंतजार
उन्होंने बताया कि एमपीएमआरसीएल द्वारा सीएमआरएस को जरूरी दस्तावेज जमा किए जाने का काम अंतिम दौर में है और इसके बाद सीएमआरएस का दल मेट्रो रेल के डिपो और स्टेशनों के निरीक्षण की तारीख तय करके सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद सीएमआरएस की हरी झंडी मिलने की स्थिति में शहर में मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन इस महीने या फरवरी से शुरू हो सकता है।
अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर-तीन के बीच 5.90 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, जानकारों का कहना है कि इस मार्ग पर छितराई आबादी के कारण मेट्रो रेल को शुरुआत में यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
छह डिब्बों की ट्रेन दौड़ेगी
एमपीएमआरसीएल अधिकारी ने कहा, ‘‘शहर में एक बार मेट्रो रेल शुरू हो जाने और इसके मार्ग की लम्बाई बढ़ने के बाद यात्रियों की कोई कमी नहीं होगी।” अधिकारी ने बताया कि शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। उन्होंने हालांकि बताया,‘‘शुरुआत में हम तीन डिब्बों की रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।’’
अधिकारी ने बताया कि मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में 7,500. 80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।







