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Bhopal: असली खतरा फैक्ट्री की मिट्टी में दबा, गैस त्रासदी के 40 साल बाद भी खत्म नहीं होगी चिंता….

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Madhya Pradesh . 31 Dec 2024 . Saniya Ansari

मध्य प्रदेश में पहली बार 250 किमी का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है. यह कॉरिडोर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को शिफ्ट करने के लिए बनाया जा रहा है, जिसे धार के पीथमपुर में ले जाया जा रहा है. जहां उसे जलाया जाएगा.

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साल 1984 में जिस यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की वजह से भोपाल गैस त्रासदी की घटना हुई थी, उस फैक्ट्री के मलबे को अब धार के पीथमपुर में शिफ्ट किया जा रहा है. कचरे की पैकिंग हो चुकी है. इसे शिफ्ट करने के लिए प्रदेश में पहली बार 250 किमी का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके जरिए यह कचरा पीथमपुर पहुंचेगा.

भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में रखे 337 मेट्रिक टन जहरीले कचरे की पैकेजिंग हो चुकी है. 12 कंटेनर में भरकर आज देर रात पीथमपुर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भोपाल से ले जाया जाएगा. रविवार को एक्सपर्ट्स के मौजूदगी में कचरे को 12 कंटेनर में भरने की प्रक्रिया शुरू हुई. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं. 400 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी एक्सपर्ट और डॉक्टरों की टीम इस काम में जुटी है.

Shreya News
Author: Shreya News

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