Bahraich . 16 Oct 2024 . Saniya Ansari
Bahraich Violence: बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा के चेहरे, गले और सीने में करीब 35 छर्रे लगने के निशान है। रामगोपाल की पोस्टपार्टम रिपोर्ट से जो डिटेल निकलकर सामने आई वो रूह काँप देने वाली है।
बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल मिश्रा के साथ दरिन्दगी की सारी हदे पार करदी गई थी। आरोपियों ने रामगोपाल को गोली मारने से पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। धारदार हथ्यारो से भी हमला किया था। उसके चेहरे, गले और सीने में गोली के करीब 35 छर्रे लगने के निशान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जो डिटेल निकलकर सामने आई वो रूह कंपा देने वाली है।

सूत्रों के मुताबिक, 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की हत्या से पहले उसके साथ जमकर दरिन्दगी की थी। करंट और हेमरेज से मौत होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज़िक्र है। उसकी बॉडी पर 35 छर्रे लगने के निशान है। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उसे भरुआ कारतूस मारी गई है। सिर, माथे और हाथ पर धारदार हथियार से हमले के भी निशान है।
इतना ही नहीं रामगोपाल के पैर के नाखूनों को खींच कर बाहर निकला गया था। अंगूठे इसके गवाही दे रहे थे। मरने के लिए उसे करंट भी लगाया गया था। आँखों के पास किसी नुकीली चीज़ से घाव किया गया था।
बहराइच जिले कि महसी तहसील के महराजगंज में मूर्ति विसर्जन के दौरान आरोपियों ने रामगोपाल को अगवा कर उसकी हत्या को अंजाम दिया था। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराय तो पता चला कि रामगोपाल को गोली मरने से पहले जमकर टॉर्चर किया गया था। बताया जा रहा है कि करंट लगने और घावों से ज़्यादा खून बहने कि वजह से रामगोपाल को ब्रेन हेमरेज हो गया और इसकी वजह से ही मौत हुई।

बहराइच में ऐसे भड़की थी हिंसा
दरअसल, बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था। ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुज़र रहा था तो दो पक्षों में कहा सुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान छतो से पथ्थर फेके जाने लगे। जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई।

इस बीच ही रामगोपाल को एक घर में लेजाकर मौत के घाट उतार दिया गया। रामगोपाल कि मौत कि खबर के बाद महराजगंज में बवाल शुरू हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियो ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोडफ़ोड़ की और उसमे आग लगा दी।
इस बीच सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो भीड़ फिर गुस्से से बेकाबू हो गई। इस दौरान महराजगंज क्षेत्र में कई घरो, नर्सिंग होम, बाइक शोरूम और दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई। वही, पुलिस ने बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
हालत बिगड़ते देख इंटरनेट सेवा पुरे जिले में बंद करदी गई। पीएसी, आरएऍफ़ को सड़क पर उतर दिया गया। खुद एसडीएफ चीफ पिस्टल लेकर सड़क पर निकल पड़े। घटना के तीन दिन होने के बाद भी मेहसी के महराजगंज में अभी स्थिति तनयपूर्ण बनी हुई है।







