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अक्षय तृतीया : आज जप, यज्ञ, पितृ-तर्पण, दान-पुण्य का लाभ नहीं होगा कम
– सोना खरीदने से भविष्य में धन-समृद्धि की होगी प्राप्ति.
शहडोल .May 10, 2024 / 07:42 am

Akshaya Tritiya : अक्षय तृतीया का पर्व अत्यधिक शुभ होता है। यह वैशाख माह में शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन आता है। बुधवार के साथ रोहिणी नक्षत्र वाले दिन पड़ने वाली अक्षय तृतीया को अत्यधिक शुभ माना जाता है। अक्षय शब्द का अर्थ कभी कम न होने वाला होता है। इस दिन कोई भी जप, यज्ञ, पितृ-तर्पण, दान-पुण्य करने का लाभ कम नहीं होता। मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर स्वर्ण क्रय करने से भविष्य में अत्यधिक धन-समृद्धि प्राप्त होती है। माना जाता है कि इस दिन क्रय किए गए स्वर्ण का कभी क्षरण नहीं होगा व उसमें सदैव वृद्धि ही होती रहेगी।
पं. गुलशन अग्रवाल ने बताया, अक्षय तृतीया का दिन भगवान विष्णु द्वारा शासित होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेता युग का आरंभ अक्षय तृतीया के दिन हुआ था। वैदिक ज्योतिष भी अक्षय तृतीया को सभी अशुभ प्रभावों से मुक्त एक शुभ दिन मानते हैं। तीन चंद्र दिवस, युगादि, अक्षय तृतीया तथा विजयदशमी को किसी भी शुभ कार्य को आरंभ अथवा संपन्न करने के लिए किसी प्रकार के मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि ये अशुभ प्रभावों से मुक्त होते हैं।
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