SUBSCRIBE NOW

Home » अंतरराष्ट्रीय » कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर अगर आपके मन में भी कोई चिंता है तो पढ़ लें क्या कह रहे डॉक्टर

कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर अगर आपके मन में भी कोई चिंता है तो पढ़ लें क्या कह रहे डॉक्टर

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़

ब्रिटेन की फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया है कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन से कुछ रेयर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. इस बीच कोविशील्ड वैक्सीन को  लेकर भी लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं. आइए जानते हैं भारत के डॉक्टरों की क्या राय है.

ब्रिटेन की फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने स्वीकार किया है कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन से कुछ दुर्लभ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं.

भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से ही कोविशील्ड वैक्सीन को मैन्युफैक्चर किया था. ब्रिटेन की मीडिया के अनुसार, कंपनी के खिलाफ 51मुकदमे चल रहे हैं. दर्जनों मामले ऐसे हैं जिनमें यह आरोप लगाया है कि टीके के कारण जानें गई हैं और कई लोग गंभीर रूप से बीमार पड़े हैं.

एस्ट्राजेनेका ने इंडिया टुडे से कही ये बात

वहीं, इसी बीच एस्ट्राजेनेका ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में कहा, ‘हमारी सहानुभूति उन लोगों के साथ है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है या जिन्हें इससे स्वास्थ्य समस्या हुई हैं. मरीजों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमारे अधिकारियों के पास टीकों सहित सभी दवाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट और कड़े मानक हैं.’|

‘परीक्षण और जांच के आधार पर एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ने खुद को सुरक्षित साबित किया है और दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार कह रहे हैं कि टीकाकरण के दुष्प्रभाव बेहद दुर्लभ हैं जबकि इन बेहद रेयर सािड इफेक्ट की तुलना में लाभ कहीं अधिक हैं.’|

लंदन: ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के एक खुलासे से कोरोना की वैक्सीन लेने वाला हर इंसान हिल गया है। वैक्सीन निर्माता ने अदालत में माना है कि कोविशील्ड दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ थ्रोम्बोसिस (TTS) का कारण बन सकता है। इससे खून के थक्के बन सकते हैं और प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के कई गंभीर मामलों में यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है। कोविड-19 महामारी के दौरान एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित कोविशील्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से किया गया था। भारत में भी बड़े पैमाने पर ये वैक्सीन लगाई गई है।

 

क्या कहते हैं भारत के डॉक्टर……….?

 

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us