श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- कटनी के कैमोर में बजरंग दल के पूर्व गौ सेवा प्रमुख और बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल अध्यक्ष नीलेश रजक की हत्या के पांच दिन बाद भी कई सवाल अनसुलझे हैं। दिन-दहाड़े हुई इस वारदात ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
कटनी के कैमोर का वो हत्याकांड, जिसने पूरे मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी, उसे बीते करीब 5 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब भी कुछ ऐसे अनसुलझे सवाल हैं जो नेताओं और प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
इन सवालों की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को हथियार और पैसा कौन उपलब्ध करवाता था? आखिर वो कौन है, जिसके दम पर दोनों ने मिलकर शांत कैमोर नगर में दहशत फैला दी? इन तमाम सवालों की गुत्थी सुलझाने में अब भी कटनी पुलिस जुटी हुई है।
झंडा रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी
वहीं, नीलेश रजक, जिन्हें कट्टर हिंदू बताया जा रहा है, उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों संगठन और भाजपा नेता शामिल हुए। कटनी भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक टंडन और विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने उनके शव पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अपना कार्यकर्ता बताया।
हालांकि एक तरफ स्थानीय स्तर पर भाजपा नेता नीलेश रजक को पार्टी कार्यकर्ता मान रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रदेश के शीर्ष नेता मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कटनी जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में एक बार भी नीलेश रजक को लेकर यह नहीं कहा कि वे भाजपा के कार्यकर्ता थे।
बड़ी बात यह है कि सीएम मोहन यादव से लेकर प्रदेशाध्यक्ष तक ने एक्स पर पोस्ट करते हुए एक संदेश तो जरूर दिया कि मध्य प्रदेश में अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा, लेकिन उनकी पोस्ट में कहीं भी नीलेश रजक या भाजपा नेता की हत्या का ज़िक्र न होना अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

भाजपा के शीर्ष नेता क्या नीलेश रजक को नहीं मान रहे अपना कार्यकर्ता?

हेमंत खंडेवाल का एक्स पर किया गया पूर्व का एक पोस्ट।







