श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल :- शहडोल के सिंहपुर के उधिया गांव में दो दिनों के भीतर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि दोनों बच्चों की मौत निमोनिया बीमारी के कारण हुई। मरने वाले दोनों बच्चे आदिवासी परिवार से थे।
मुख्यालय के पास स्थित ग्राम उधिया में दो दिनों के भीतर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मरने वाले दोनों बच्चे बैगा आदिवासी समाज के हैं। बैगा बस्ती में कई और लोगों के बीमार होने की खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बीएमओ सिंहपुर के अनुसार, फिलहाल स्थिति सामान्य है।
उधिया बैगा बस्ती निवासी ओमनाथ बैगा के चार महीने के पुत्र शिवम की मौत हुई। परिजनों ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को शहडोल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद जब वह ठीक हुआ, तो घर ले जाया गया। लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर खराब हो गई और उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
इसी तरह, बैगा बस्ती के राजेश बैगा के तीन महीने के पुत्र प्रियांश की भी मौत हुई। तबीयत खराब होने पर परिजनों ने पहले उसे जमुई के एक झोलाछाप डॉक्टर के पास दिखाया। हालत में सुधार न होने पर सुबह जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही बच्चा दम तोड़ गया।
परिजन खुद हैरान रह गए
परिजनों ने कहा कि जब वे बच्चे को शहडोल के एक निजी अस्पताल लेकर गए, तो वहां उसे भर्ती करने के लिए हजारों रुपए लिए गए। दवाओं की इतनी लंबी सूची दी गई कि परिजन खुद हैरान रह गए। वहीं, इस मामले में जब बीएमओ सिंहपुर डॉ. सुनील स्थापक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि जांच जारी है और अन्य बच्चों में गंभीर बीमारी नहीं मिली है। दोनों बच्चों की मौत निमोनिया के कारण हुई है।







