श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: Conjunctivitis Eye Infection: पटना में कंजंक्टिवाइटिस (गुलाबी आंख) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स और राजेंद्र नगर आंख सुपरस्पेशलिटी अस्पताल जैसे बड़े अस्पतालों में मरीजों की संख्या 20% तक पहुंच गई है।
पटना। पटना में कंजंक्टिवाइटिस (गुलाबी आंख) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स और राजेंद्र नगर आंख सुपरस्पेशलिटी अस्पताल जैसे बड़े अस्पतालों में मरीजों की संख्या 20% तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में नमी और संक्रमण के कारण यह रोग तेजी से फैल रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIMS) के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान प्रमुख डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा के अनुसार, इस समय ओपीडी में हर 10 में से 2-3 मरीज कंजंक्टिवाइटिस के आ रहे हैं। पहले यह बीमारी 3-4 दिनों में ठीक हो जाती थी, लेकिन इस बार मरीजों को ठीक होने में 7 से 10 दिन लग रहे हैं।
कैसे फैलता है गुलाबी आंख?
राजेंद्र नगर आंख सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के निदेशक डॉ. अजीत द्विवेदी का कहना है कि यह संक्रमण मुख्य रूप से हाथ मिलाने से, संक्रमित व्यक्ति के तौलिये, रुमाल या तकिए का इस्तेमाल करने से तेजी से फैल सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में मरीज को खुद को आइसोलेट करने की सलाह दी जाती है ताकि संक्रमण दूसरों में न फैले।
क्या करें और क्या न करें?
सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
बचाव के उपाय
- आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोएं।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।
- तौलिया, रुमाल, तकिया साझा न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न डालें।
- लगातार हाथ साबुन से धोएं।
- संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या है गुलाबी आंख?
कंजंक्टिवाइटिस एक संक्रामक रोग है जिसमें आंखें लाल या गुलाबी हो जाती हैं। इसके लक्षणों में खुजली, जलन, पानी आना शामिल हैं। यह संक्रमण वायरल, बैक्टीरियल या एलर्जिक हो सकता है और बहुत तेजी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है।







