श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: 6 हीरे जेम्स क्वालिटी के हैं जिनका कुल वजन 2.53 कैरेट है, जिसमें सबसे बड़ा हीरा 0.79 कैरेट का है। शेष दो हीरे ऑफ-कलर के हैं। सभी हीरे महिला ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिए हैं जिन्हें आगामी नीलामी में बेचा जाएगा। रचना की मेहनत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
पन्ना जिले में एक बार फिर हीरे की चमक ने एक मजदूर महिला की किस्मत बदल दी। बड़गड़ी गांव की निवासी रचना गोलदार को हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर लगाई गई खदान क्षेत्र हजारा मुद्दा में एक हफ्ते के भीतर 8 हीरे मिले हैं।
महिला रचना ने बताया कि वो बड़गदी गांव की रहने वाली है। उनको जो हीरे मिले हैं वो छोटे-छोटे आठ हीरे हैं। ये ककरू में मिले हैं। सभी हीरे मैंने हीरा कार्यालय में जमा कर दिए हैं। वैसे भी मेरे घर पर हर समय कोई रहता नहीं है, इसलिए हीरे जमा करा दिए हैं वहां सुरक्षित रहेंगे। रचना ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटे नौकरी करते हैं और एक बेटी की शादी हो चुकी है। रचना ने कहा कि हीरे मिलने की बहुत खुशी है। आगे भी हीरे की तलाश जारी रखेंगी। अभी हीरे की नीलामी में जो कीमत मिलेगी उससे घर के हालात सुधरेंगे।
हर तीन महीने में होती है नीलामी
बता दें कि हीरा मिलने के बाद नीलामी की प्रक्रिया होती है, जहां हीरे की सही कीमत तय होती है। इसके बाद सरकार नीलामी की अंतिम कीमत से 12 प्रतिशत काट लेती है। बाकी की राशि हीरा खोजने वाले को दे दी जाती है। हर तीन महीने में ये नीलामी कराई जाती है। गुजरात, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य राज्यों से बड़े व्यापारी इसमें शामिल होते हैं।







