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सायबर जालसाजों ने जैतहरी के व्यापारी से ठग लिए 3.60 लाख
शाहडोल•May 03, 2024 /

अनूपपुर. साइबर फ्रॉड तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। जिले के एक व्यापारी के बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने तीन लाख से अधिक की ठगी की।
व्यापारी पर दबाव बनाने के लिए उनके बेटे की हूबहू आवाज भी सुना दी। डरकर व्यापारी ने तुरंत उनके बताए खाते में पैसे डलवा दिए। बाद में जब पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है, उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 8 मेन मार्केट निवासी कमलेश कुमार ताम्रकार के साथ सायबर जालसाजों ने बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर 3 लाख 60 हजार की ठगी की है।
उन्होंने पूरे मामले की शिकायत 1 मई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इशरार मन्सूरी से की है। शिकायत को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
साइबर सेल ने आरोपियों के समस्त खातों को फ्रीज कर दिया है। साथ ही आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं जैतहरी पुलिस ने उक्त मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
वॉट्सएप नंबर पर आया था कॉल-
व्यापारी ने शिकायत में बताया कि 30 अप्रैल की सुबह लगभग 11 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा वॉट्सएप नंबर पर कॉल कर बेटे अबिन ताम्रकार को रेप केस में पकडऩे तथा उसके पुलिस रिमांड में होने की बात कही। यह सुनते ही वह घबरा गए। इसके बाद जालसाज ने बेटे अबिन की फर्जी आवाज सुनाकर उसे जेल जाने से बचाने के एवज में पैसों की मांग करने लगा। अलग-अलग खाता नंबर एवं फोन पे नंबर पर 3 लाख 60 हजार रूपए जमा करा लिए।
जिनके बच्चे बाहर उन्हें बनाते हैं शिकार-
जिले में बढ़ते सायबर क्राइम को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने लोगों से सतर्क रहने की अपीेल की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई सायबर अपराध ऐसे लोगों को शिकार बना रहे हैं, जिनके बच्चे दूसरे शहर में पढ़ाई कर रहे हैं।
उनको किसी अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की बात कहकर लोगों से पैसों की ठगी की जा रही है। ऐसे साइबर जालसाज पुलिस अधिकारी या फिर वकील बनकर कॉल करते है। और बच्चे को बड़े केस बलात्कार, मर्डर या नार्कोटिक्स में गिरफ्तार करने की बात कहते हुए उसे बचाने के एवज में रूपए की मांग करतेहै। ऐसे मामलो में लोगों को एहतियात अपनाने की जरूरत है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान-
अंजान नंबर वाले कॉल, वॉट्सएप कॉल, वीडियो कॉल, टेलीग्राम कॉल न उठाएं, अंजान व्यक्तियों पर विश्वास न करें, उन्हें अपने परिवार एवं बच्चों संबंधी जानकारी न दें, परिवार का कोई बच्चा यदि नौकरी या फिर पढ़ाई के लिए किसी अन्य शहर में जाते हैं तो संबंधित स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान या फिर उनके कार्य स्थल एवं उस क्षेत्र के थाने का नंबर अपने पास रखें जिससे किसी भी प्रकार की घटना होने पर उनसे संपर्क कर वेरिफाई किया जा सके।
सायबर अपराध घटित होने पर तत्काल ही शिकायत नजदीकी पुलिस थाने या फिर सायबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर करें।







