श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: MP News Today: अनूपपुर में किसानों को खाद के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। जबकि जिले में पर्याप्त खाद का भंडार है। आखिर ये समस्या क्यों हो रही है? क्या खाद वितरण की व्यवस्था में कोई कमी है। चलिए जानते हैं इस पर किसान क्या बोल रहे हैं।
अनूपपुर जिले में यूरिया खाद की आपूर्ति तो कर दी गई है, लेकिन किसानों की परेशानी अब भी खत्म नहीं हो रही है। हाल यह है कि सुबह से दोपहर तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल रही है और उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक खाद की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन वितरण के लिए रोज़ केवल 150 किसानों को खाद देने की सीमा तय की गई है। ऐसे में जब बड़ी संख्या में किसान पहुंचते हैं तो कईयों को वापस लौटना पड़ता है। समस्या को देखते हुए विभाग ने जैतहरी में 1300 बोरी, अनूपपुर में 2800 बोरी, कोतमा में 2900 बोरी और राजेंद्रग्राम में 4000 बोरी खाद की आपूर्ति की है। लंबे समय से किसान खाद के लिए भटक रहे थे, और जब वितरण शुरू होने की खबर मिली तो पिछले दो दिनों से रोज़ाना 500 से अधिक किसान खाद लेने केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
सुबह से दोपहर तक इंतज़ार, फिर भी नहीं मिली खाद
कुसुमहाई निवासी किसान रामनाथ प्रजापति ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से अनूपपुर खाद वितरण केंद्र पर लाइन में लगे थे। वहां पहुंचने पर पता चला कि 150 किसानों को टोकन पहले ही बांटे जा चुके हैं। उम्मीद में वह दोपहर तक बैठे रहे कि शायद बाद में मिलेगा, लेकिन खाद न मिलने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
दूर से आने वाले किसानों को हो रही दिक्कत
बिजौड़ी निवासी गिरजादीन यादव ने कहा कि जिला मुख्यालय के आसपास रहने वाले किसान जल्दी पहुंचकर टोकन ले लेते हैं, लेकिन दूर-दराज से आने वाले किसान देर से पहुंचते हैं, जिससे उन्हें टोकन नहीं मिल पाता। इस व्यवस्था में तो दूर से आने वाले किसानों को यूरिया लेने में महीनों लग जाएंगे।
सभी किसानों को मिले खाद
बरबसपुर निवासी किसान कोदूलाल महरा ने कहा कि जो किसान सुबह से केंद्र पर बैठे हैं, उन्हें वापस नहीं लौटाया जाए। चाहे देर शाम तक इंतज़ार करना पड़े, लेकिन सभी किसानों को खाद मिलने के बाद ही भेजा जाए। प्रतिदिन हो रही देरी से फसल पर बुरा असर पड़ रहा है।







