श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: मध्य प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या और मौतों के मामले में स्थिति चिंताजनक है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में मध्य प्रदेश देश में सड़क हादसों में दूसरे और मौतों में चौथे नंबर पर रहा। तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम तोड़ने की वजह से सबसे ज्यादा हादसे हुए।
ग्वालियर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में वर्ष 2023 में हुए सड़क हादसों की विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। अगस्त के अंतिम हफ्ते में जारी इस रिपोर्ट से मध्य प्रदेश में सड़कों की बदहाली और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, उक्त अवधि में देश में सबसे ज्यादा सड़क हादसों में तमिल नाडु के बाद मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा। हादसों में सबसे ज्यादा मौत उत्तर प्रदेश और तमिल नाडु में हुईं, जबकि मध्य प्रदेश चौथे नंबर पर रहा। इतना ही नहीं, देश में तेज रफ्तार की वजह से हुए हादसों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में पूरे देश में चार लाख 80 हजार 583 सड़क हादसे हुए। इनसे एक लाख 72 हजार 890 लोगों की मौत हुई और चार लाख 62 हजार 825 लोग घायल हुए। देश में हुए कुल हादसों में से 14 प्रतिशत हादसे तमिल नाडु, 11.5 प्रतिशत मध्य प्रदेश, 10 प्रतिशत केरल, 9.39 प्रतिशत उप्र और 9 प्रतिशत हादसे कनार्टक में हुए। देश में यही पांच राज्य टाप-फाइव की सूची में शामिल हैं।
टाप-पांच राज्य : कहां कितने हादसे
- तमिलनाडु – 67 हजार 213
- मध्य प्रदेश – 55 हजार 327
- केरल – 48 हजार 091
- उत्तर प्रदेश – 44 हजार 534
- कर्नाटक – 43 हजार 440
सड़क हादसों में मौत : टाप-फाइव राज्य
- उप्र – 23 हजार 652
- तमिल नाडु – 18 हजार 347
- महाराष्ट्र – 15 हजार 366
- मप्र – 13 हजार 798
- कर्नाटक – 12 हजार 321
नेशनल हाइवे पर हादसे
- उत्तर प्रदेश – 8446
- तमिलनाडु – 6258
- मध्य प्रदेश – 5780
ट्रैफिक नियम तोड़ने के कारण सबसे ज्यादा हादसे मप्र में
- रिपोर्ट में सड़क हादसों की अलग-अलग वजहों का भी विश्लेषण किया गया है। सामने आया है कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा हादसे ट्रैफिक नियम तोड़ने की वजह से हुए।
- प्रदेश में ट्रैफिक नियम न मानने की वजह से 44 हजार 592 हादसे हुए। वहीं तेज रफ्तार की वजह से हुए हादसों में मरने वालों की संख्या मप्र में 11 हजार 380 रही, जो देश में सबसे ज्यादा है।
- देश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जबलपुर तीसरे नंबर पर है, जहां हादसों में 545 लोगों ने जान गंवाई है। दिल्ली 1457 मौत के साथ पहले नंबर पर है।
टाप-10 शहर…जहां सबसे ज्यादा हादसे
- दिल्ली – 5834
- बेंगलुरु – 4974
- जबलपुर – 4205
- चेन्नई – 3653
- इंदौर – 3566
- मल्लपुरम – 3253
- हैदराबाद – 2943
- जयपुर – 2915
- भोपाल – 2906
- कोच्चि – 2803
शाम 6 से 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा हादसे, मरने वालों में दो पहिया वाले ज्यादा
रिपोर्ट में वर्ष 2020 से लेकर 2023 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। सामने आया कि शाम 6 से रात 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा हादसे हुए। 2023 में इस समयावधि में 99 हजार 945 हादसे हुए हैं। यह कुल हादसों का 20.8 प्रतिशत है।
ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले सबसे ज्यादा दो पहिया सवार हैं। 2023 में सात हजार 591 दो पहिया सवारों की मौत हुई, जबकि पैदल चलने वालों की संख्या चार हजार 604 के साथ दूसरे नंबर पर है। एक हजार 593 कार सवारों की मौत हुई।







