श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: शनिवार रात से जिले में हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है। नगर के पहाड़ी हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने से उमरार डेम पूरी तरह भर गया और ओवरफ्लो होने लगा है। इसके चलते डैम का बेस्ट बियर फॉल चालू हो गया है। आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। भारी बारिश से उमरिया नगर के निचले हिस्सों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। खासकर पुराना पड़ाव और बहरा धाम की पुलिया पानी में डूब गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि हालात को देखते हुए तुरंत होमगार्ड और पुलिस बल की तैनाती जरूरी है।
अतिक्रमण से बढ़ा खतरा
नदी और नालों के किनारे बने मकान अब सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हजारों मकान एंक्रोजमेंट करके उमरान नदी के तट के किनारे बनाए गए हैं। लगातार बढ़ते पानी के बीच इनमें कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में इन मकानों को तत्काल खाली कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की सलाह दी जा रही है। अगर समय रहते ये कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी वक्त बड़ी विपत्ति आ सकती है। प्रशासन पर यह दबाव बढ़ रहा है कि प्रभावित इलाकों में पुलिस और होमगार्ड की तैनाती कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
लोगों को अलर्ट करने की जरूरत
नगर के लोग बार-बार प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि मुनादी कराई जाए और एलाउंस सिस्टम से बार-बार सूचित किया जाए ताकि लोग नदी-नालों के पास जाने से बचें। वर्तमान में पानी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है और डेम के ओवरफ्लो होने से खतरा और गहरा गया है।
प्रशासन की तैयारी पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उमरान नदी किनारे अतिक्रमण की स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब जब पानी का स्तर बढ़ा है तो लोगों की जान और संपत्ति पर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है कि पहले से ही खतरे वाले इलाकों को खाली कराया जाए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित शेल्टर में पहुंचाया जाए।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में उमरिया नगर समेत आसपास के इलाकों में सतर्कता और ज्यादा जरूरी हो गई है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत राहत और बचाव दलों की तैनाती कर स्थिति पर नियंत्रण बनाए और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।







