श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं सहायिका ने बताया कि रात को जन्माष्टमी कार्यक्रम के बाद सभी छात्राएं मौजूद थीं। सुबह नाश्ते के समय पांच छात्राएं गायब मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
जिले में गुमशुदगी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। अभी तक अर्चना तिवारी की गुमशुदगी का मामला सुर्खियों में ही था कि इसी बीच पाली नगर थाना क्षेत्र के गिंजरी स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास से एक साथ पांच छात्राओं के लापता होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह छात्राएं कक्षा 8वीं की बताई जा रही हैं। सुबह जब छात्रावास में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हुई तो पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
लापता छात्राओं के परिवारजन गम और आक्रोश में हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई। उनका कहना है कि हॉस्टल में न तो बाउंड्रीवाल है और न ही सुरक्षा के नाम पर सब कुछ कागजों तक सीमित है। परिजनों का सवाल है कि यदि प्रबंधन जिम्मेदारी निभाता तो एक साथ पांच-पांच छात्राएं कैसे लापता हो सकती थीं।
सहायिका ने दी सफाई
छात्रावास की सहायिका ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने बताया कि बीती रात जन्माष्टमी का कार्यक्रम था, जिसमें सभी छात्राएं मौजूद थीं। कार्यक्रम के बाद सबने खाना खाया और लगभग रात 11 बजे तक सभी अपने-अपने कमरों में चली गईं। सुबह रोज की तरह 8 बजे नाश्ते का अलार्म बजा, तो अधिकांश छात्राएं मेज पर पहुंच गईं, लेकिन पांच छात्राएं अनुपस्थित रहीं। जब कमरों की जांच की गई तो वे वहां भी नहीं थीं। इसके बाद आसपास तलाश की गई और अधिकारियों को सूचना देकर थाने में लिखित जानकारी दी गई।
पुलिस और प्रशासन की तफ्तीश
सूचना मिलते ही पाली थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा ने पुलिस टीम के साथ छात्रावास पहुंचकर जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि रात में कार्यक्रम के बाद सभी छात्राएं हॉस्टल में ही थीं। सुबह गुमशुदगी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। वहीं, एसपी निवेदिता नायडू ने भी मौके पर पहुंचकर छात्रावास का निरीक्षण किया और अन्य छात्राओं से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही छात्राओं को खोजने का प्रयास किया जाएगा। खबर लिखे जाने तक पांचों छात्राओं का कोई पता नहीं चल सका था।







