श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: ग्रामीणों ने बताया कि बालक लव और शोभित दोनों ही अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। बड़ी मान-मन्नत के बाद दोनों घरों में बालकों का जन्म हुआ था। दोनों ही घर के चिराग बुझ गए। इसमें सिलोटिया निवासी लव अपने मामा के घर ग्राम सिलोदा खुर्द आया हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के शव अपने-अपने घरों में पहुंचे, तो माता-पिता अपने लाड़लों के चेहरे देख बेसुध हो गए।
बगड़ी/दिग्ठान। समीप के ग्राम सिलोदा खुर्द में रविवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। घर से बिना बताए दो बालक खेलने के लिए निकले थे, लेकिन वे गांव के ही तालाब में नहाने पहुंच गए, जहां दोनों मासूमों की डूबने से मौत हो गई। करीब दो घंटे बाद जानकारी लगने पर ग्रामीण तालाब पर पहुंचे और दोनों बालकों के शव तालाब से बाहर निकाले। हालांकि तब तक दोनों की मौत हो गई थी।
नहाने गए थे दोनों मासूम
उक्त हादसा धार जिले के ग्राम बगड़ी से लगे सिलोदा खुर्द में हुआ। 13 वर्षीय लव पुत्र शेरू ग्राम सिलोटिया और 12 वर्षीय शोभित पुत्र हेमंत जंजाल निवासी सिलोदा खुर्द दोपहर करीब 12 बजे घर से खेलने के लिए निकले थे। ये दोनों कब नहाने के लिए तालाब पर पहुंच गए, किसी को उसकी जानकारी नहीं थी।
तालाब की पाल पर पड़े कपड़ों से मिली जानकारी
काफी देर तक बच्चे जब घर नहीं पहुंचे, तो स्वजन उन्हें ढूंढने निकले। खेत पर जा रहे एक युवक की नजर तालाब की पाल पर पड़ी, जहां बच्चों के कपड़े व जूते-चप्पल दिखाई दिए। सूचना के बाद गांव के लोग वहां पहुंचे और तालाब से दोनों बच्चों के शव बाहर निकाले। बताया जाता है कि करीब दो घंटे तक दोनों ही बच्चे पानी में रहे। दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकालकर स्वजन व ग्रामीण उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित किया।
बुझ गए दो घरों को चिराग
ग्रामीणों ने बताया कि बालक लव और शोभित दोनों ही अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। बड़ी मान-मन्नत के बाद दोनों घरों में बालकों का जन्म हुआ था। दोनों ही घर के चिराग बुझ गए। इसमें सिलोटिया निवासी लव अपने मामा के घर ग्राम सिलोदा खुर्द आया हुआ था।
पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के शव अपने-अपने घरों में पहुंचे, तो माता-पिता अपने लाड़लों के चेहरे देख बेसुध हो गए। परिवार में मातम छा गया। गमगीन माहौल में देर शाम को सिलोदा खुर्द और सिलोटिया में अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसे देख हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। दोनों ही बच्चे प्रतिदिन घर आंगन में खेलने के साथ स्कूल जाते थे।







