श्रेया न्यूज़ सीमा सिंह शहडोल -: Maharashtra news: महाराष्ट्र के ठाणे से एक शर्मसार करने वाली घटना निकलकर सामने आई है। स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के पीरियड चेक करने के लिए उनके कपड़े उतरवाए। चलिए, जानते हैं पूरी घटना के बारे मेंI
Maharashtra news: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर स्थित एक निजी स्कूल में छात्राओं की माहवारी जांचने के लिए उनके कपड़े उतरवाने की घटना सामने आई है, जिसके बाद स्कूल की महिला प्रिंसिपल, चार शिक्षिकाओं, दो ट्रस्टियों और एक अटेंडेंट सहित आठ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि इन लोगों ने कुछ छात्राओं को लाइन में खड़ा कर जबरन कपड़े हटवाए ताकि यह पता चल सके कि वे पीरियड्स में हैं या नहीं।
इस घटना के खुलासे के बाद छात्राओं ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस में शिकायत की गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 74 (महिलाओं की लज्जा भंग करने के इरादे से उन पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित है, 76 (महिला पर हमला या आपराधिक बल) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक दो महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। यह मामला छात्राओं की निजता, गरिमा और मानसिक सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन का प्रतीक है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है जब स्कूल स्टॉफ को स्कूल के बाथरूम में खून के धब्बे मिले थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद गुस्साए पेरेंट्स और बाल अधिकार कार्यकर्ता बुधवार की सुबह स्कूल पहुंचे और उन्होंने स्कूल प्रबंधन और इसमें शामिल शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्राओं के परिजनों की तरफ से दर्ज शिकायत के अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं को कन्वेंशन हॉल में बुलाया गया और उन्होंने खून के छीटों वाले फोटो दिखाए गए। जिन छात्राओं ने कहा कि वे मासिक धर्म से गुजर रही हैं, उनसे शिक्षकों को अपने अंगूठे का निशान देने को कहा गया। जिन्होंने इनकार किया उनकी जांच की गई।
ठाणे ग्रामीण के अपर पुलिस अधीक्षक राहुल ज़ाल्टे ने कहा कि इस घटना से गुस्साए परिजन स्कूल में इकठ्ठा हुए और उन्होंने इस घटना में शामिल शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।







