सीमा सिंह शहडोल -: MP News: परियोजना निर्माण के बाद ताप्ती में दूर तक पानी थमेगा। जद में किनारे के गांव आएंगे।
MP News: मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर प्रस्तावित दुनिया की सबसे बड़ी ताप्ती मेगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज परियोजना से 22 गांवों के लोग दहशत में हैं। ये गांव मध्यप्रदेश के खंडवा की खालवा, बैतूल की भीमपुर, भैंसदेही और महाराष्ट्र के अमरावती जिले की धारनी तहसील के हैं।
डूब में जाने की आशंका इसलिए….
-परियोजना से राज्यों को 31.13 टीएमसी पानी मिलने के दावे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इतना पानी हासिल करने को बड़ी मात्रा में पानी स्टोरेज करना होगा।
मध्यप्रदेश: भरोसा करना मुश्किल
परियोजना कहने को ग्राउंड वाटर रिचार्ज है, पर हकीकत में पानी जमीन के ऊपर ही रोका जाना है। रामा काकोड़िया के अनुसार किनारे बसे भुरभुर, हरदा दादू, उमरघाट, पाली, चीरा, खुर्दा, चीमईपुर, मोहटा, पालंगा, जोगली, बाटला कला, रहटिया व जावरा महतपुर जैसे गांवों का डूबना तय है। यह कहना कि कोई गांव नहीं डूबेगा, वास्तविकता देख विश्वास नहीं किया जा सकता।
महाराष्ट्र: लड़ाई दिल्ली तक लड़ेंगे
हरदा भीलट के कमल पटेल का कहना है, उनके गांव को मिलाकर चिखलढ़ाना, कोबडा, पहाड़ीदम, कसई, गोंडीलावा, चटवाबोड, केकदाबोड, चेतर जैसे कई गांव ताप्ती से अधिकतम 500 मीटर के दायरे में हैं। कुछ की दूरी तो बहाव क्षेत्र से 200 मीटर रह जाती है। अफसर पानी रोकने वाली परियोजना थोप रहे हैं। हम इस लड़ाई को दिल्ली तक लेकर जाएंगे।







