सीमा सिंह शहडोल -: AC के तापमान को 20 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने को लेकर सरकार की ओर से जल्द ही गाइडलाइन जारी की जा सकती है। इसे लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने प्रेस कॉन्फेंस के दौरान घोषणा की है। सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ घरों और वाहनों के लिए भी यह गाइडलाइन जारी की जाएगी।
इंदौर: अगर आप भी एसी 16 डिग्री पर चलाने के आदि हैं तो यह खबर आपके लिए है। मॉल या ऑफिस जैसे सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ घरों और वाहनों में भी अब एसी का तापमान 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखना होगा। एयर कंडीशनिंग को लेकर सरकार की ओर से जल्द एक गाइडलाइन जारी की जाने वाली है।
बता दें कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को एयर कंडीशनिंग तापमान को मानकीकृत करने को लेकर इस योजना की घोषणा की है। नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान ऊर्जा मंत्री खट्टर ने कहा कि, “एयर कंडीशनिंग मानकों के संबंध में, जल्द ही एक नया प्रावधान लागू किया जा रहा है। एसी के लिए तापमान मानकीकरण 20 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच निर्धारित किया जाएगा। जिसका अर्थ है, हम 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे ठंडा या 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर गर्म नहीं कर पाएंगे।”
इस दौरान मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह एक प्रायोगिक कदम है, यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है, जिसका उद्देश्य तापमान सेटिंग को मानकीकृत करके विद्युत उर्जा की बचत करना है। इस संबंध में धिकारियों का कहना है कि इससे ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी कमी आएगी।

कई देशों में है ऐसी व्यवस्था
उन्होंने कहा, दुनिया के कई देशों में ऐसी व्यवस्था है, जिसमें एसी तापमान तय मानकों के अनुसार ही रखा जाता है। खट्टर ने कहा कि “जापान ने एसी के तापमान को लगभग 26-27 डिग्री सेल्सियस और इटली ने 23 डिग्री सेल्सियस पर मानकीकृत किया है।” जापान ने लोगों और व्यवसायों को ऊर्जा दक्षता के लिए अपने एयर कंडीशनर को 28 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम
इस पहल से ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलने, बिजली की मांग में अचानक वृद्धि को कम करने और उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मामना है कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और शीतलन उपकरणों के उपयोग में वृद्धि को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
नए उपकरणों में होगी यह व्यवस्था
बता दें कि वर्तमान में बाजार मिलने वाले एयर कंडीशनर में तापमान को 16 डिग्री सेल्सियस से लेकर 30 तक किया जा सकता है। लेकिन इस गाइडलाइन या मानक के तय होने के बाद नए उपकरणों में यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहेगी। जिससे की तापमान को 20 डिग्री सेल्सियस से कम और 28 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा न बढ़ाया जा सके।
1 डिग्री तापमान बढ़ाने से ऊर्जा खपत में भारी कमी
जानकारों के अनुसार एयर कंडिशनर के तापमान को 1 डिग्री सेल्सियस से बढ़ाने पर ऊर्जा खपत में 6 प्रतिशत तक की कमी आती है। ऐसे में सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी किए जाने के बार बिजली की बचत होगी। इससे लोगों को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण की ओर भी यह एक बेहतर कदम होगा।









