सीमा सिंह शहडोल -: Sonam Raghuvanshi News: सोनम रघुवंशी गाजीपुर-वाराणसी फोरलेन पर नंदगंज के आकुशपुर स्थित काशी चाय जायका ढाबे पर पहुंची। यह पहला मौका था कि राजा रघुवंशी का केस सामने आने के बाद किसी ने सोनम को देखा हो। जानिए ढाबे पर क्या हुआ और कैसे पुलिस वहां पहुंची।
गाजीपुर/इंदौर (Sonam Raghuvanshi News): राजा रघुवंशी हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सोनम रघुवंशी के साथ ही उसके कथित प्रेमी और तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लगा रहा है कि पुलिस ने केस हल कर लिया है, लेकिन राजा का परिवार इससे इत्तेफाक नहीं रखता है।
राजा रघुवंशी के भाई का आरोप- हत्याकांड में और लोग शामिल
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, ‘हमें यकीन है कि मामले में 5 से ज्यादा आरोपी हैं। जब सोनम ने सरेंडर किया, तो उसने अपने भाई को फोन करके बताया कि कोई उसे यहां छोड़ गया है। वह उन दो लोगों को कैसे नहीं जानती थी?’
‘अब हमें पता चला है कि वह बस से यहां खुद ही पहुंची थी। उसके साथ दो और लोग थे। उसने सिर्फ पूरा मामला बनाया। वह दिखावा कर रही है… हमें पुलिस की जांच पर भरोसा है… अगर राज कुशवाह बेगुनाह होता, तो वह सोनम से घंटों बात नहीं करता’।
बकौल विपिन रघुवंशी, ‘सोनम राज के गृहनगर में मिली थी। उसने शायद उसके घर में शरण ली थी। राजा की हत्या और उसके शव मिलने के बीच के समय में सोनम राज से घंटों बात करती थी। राजा की उससे शादी करवाने से पहले हमने उनके परिवार की पृष्ठभूमि की जांच की थी। हमें नहीं पता था कि सोनम ऐसी निकलेगी।
‘सोनम की मां ने हमसे सारी बातें छिपाईं। उसने हमें पूरी कहानी नहीं बताई… अगर सोनम के पिता और भाई को राज के बारे में पता होता, तो वे उसे अपनी फैक्ट्री से निकाल देते।’
रात 1 बजे अकेले, पैदल, बदहवास हालत में गाजीपुर ढाबे पर पहुंची थी सोनम
शिलांग में हनीमून के दौरान इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या की आरोपी उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) 17 दिनों बाद रविवार की रात करीब एक बजे गाजीपुर-वाराणसी फोरलेन पर नंदगंज के आकुशपुर स्थित काशी चाय जायका ढाबे पर पहुंची।
सोनम ने ढाबे के मालिक साहिल यादव से उसका मोबाइल फोन मांगा और अपने भाई गोविंद को इंदौर फोन करते हुए फफक कर रो पड़ी। भाई ने साहिल से ढाबे का नाम, पता आदि पूछने के बाद उससे पुलिस को बुलाने के लिए कहा।
पुलिस सोनम को राजकीय मेडिकल कालेज के अस्पताल ले गई और बुखार, सिरदर्द आदि की दवा देने के बाद कड़ी निगरानी में वन स्टाप सेंटर में रखा गया है। देर शाम इंदौर से आए सोनम के भाई गोविंद राजवंशी को भी उससे मिलने नहीं दिया गया।
शाम लगभग साढ़े छह बजे मेघालय पुलिस गाजीपुर पहुंची, जिसमें दो महिला अधिकारी भी हैं। मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद रात नौ बजे भारी सुरक्षा के बीच सोनम को गेट नंबर छह से सीजेएम कोर्ट ले जाया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद देर रात मेघालय पुलिस उसे लेकर शिलांग रवाना हो गई।
सोनम खुद गाजीपुर ढाबे पर पहुंची या कोई उसे छोड़ गया?
सोनम रविवार रात करीब एक बजे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर काशी चाय जायका ढाबा पर पहुंची। ढाबा मालिक साहिल यादव ने बताया कि वह अकेले पैदल ही आई थी और बदहवास लग रही थी।
साहिल से कहा कि उसका मोबाइल फोन खो गया है। घर पर बात करने के लिए उसने साहिल का फोन मांगा और भाई गोविंद रघुवंशी से बात की। इसके बाद साहिल ने उसे पानी और चाय दी।
कुछ देर बाद साहिल के मोबाइल पर गोविंद का फोन आया और उसने बहन से बात की। इसके बाद वह देर तक रोती रही। उसने बताया कि मई में शादी हुई थी और पति के साथ मेघालय घूमने गई थी। वहां कुछ बदमाश जेवर लूटने लगे।
पति ने रोका तो उन्हें जान से मार दिया। यह देखकर वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे नहीं पता कि वह यहां कैसे पहुंची। साहिल ने बताया कि सोनम को देखकर नहीं लग रहा था कि 15 दिनों से वह ऐसी विषम परिस्थितियों में रही होगी।
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वह करीब दो घंटे तक ढाबे पर रही और इसके बाद पुलिस आ गई। इसके बाद सोनम को वन स्टाप सेंटर में महिला पुलिस की निगरानी में रखा गया था। नाश्ता करने के बाद उसने कुछ देर आराम किया।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सोनम खुद गाजीपुर के ढाबे पर पहुंची या कोई उसे छोड़ गया है। घटनास्थल मेघालय होने के कारण स्थानीय पुलिस कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है।







