शहडोल (सीमा सिंह) Wife’s Boyfriend: एक युवक ने ग्वालियर कलेक्टर के सामने अपनी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी के चार ब्वॉयफ्रेंड हैं और वह लिव-इन में रह रही है। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी और उसके ब्वॉयफ्रेंड ने मिलकर उसके बड़े बेटे की हत्या करवा दी थी।
(Gwalior News)। पत्नी से पीड़ित एक युवक ने मंगलवार को कलेक्टर रुचिका चौहान के सामने न्याय की गुहार लगाई। शिकायत के तौर पर वह पोस्टर लेकर पहुंचा, जिसमें पत्नी के फोटो दिखाए और न्याय की मांग की। कलेक्टर ने इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग से काउंसिलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
जनकपुरी निवासी अमित सेन ने पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह अब तक चार ब्वॉयफ्रेंड बना चुकी है। इन दिनों वह घर छोड़कर लिव-इन में रह रही है। उसके ब्वॉयफ्रेंड और पत्नी ने मिलकर बड़े बेटे की भी हत्या करवा दी थी। पीड़ित ने कहा कि पत्नी और उसका ब्वॉयफ्रेंड अब उसे मारकर नीले ड्रम डालने की धमकी देते हैं।

इधर…फर्जी पत्रकार बन आवास दिलाने के नाम पर ठगे 13 लाख रुपये
ग्वालियर में लगातार बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामलों में अब एक नया तरीका सामने आया है। जहां एक युवक ने खुद को पत्रकार बताते हुए कई लोगों से लाखों रुपये सिर्फ यह कहकर ऐंठ लिए कि वह उन्हें पीएम आवास योजना के तहत मकान दिलवा देगा।
इस ठगी में उसने कई लोगों से लगभग 13 लाख रुपये कई ऐंठ लिए हैं। इस शातिर आरोपित ने पीड़ितों को पत्रकार की आइडी बनाकर योजना का लाभ दिलवाने की बात कहकर फंसाया और बाद में पांच लोगों से पैसे ले लिए। हर एक से 2.60 लाख रुपये के हिसाब से इस ठग ने कुल 13 लाख रुपये की ठगी की है। जब लोगों ने घर दिए जाने की बात की तो फिर यह ठग उन्हें टहलाने लगा।

दिया हुआ चेक भी हुआ बाउंस
जब लंबे समय तक लोगों को कथित पत्रकार ने मकान नहीं दिए और उसके द्वारा दिया गया चेक भी बैंक में बाउंस हो गया तो पीड़ितों ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी परेशानी बताई। पीड़ितों ने उस कथित पत्रकार युनूस खान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि वह चावड़ी बाजार में किराने की दुकान चलाते हैं। उसकी दुकान पर युनूस खान निवासी कदम साहब की गोठ जनकगंज अक्सर आता जाता था। इससे उनकी जान पहचान हो गई।
युनूस खुद को पत्रकार बताता था। एक बार उसने कहा कि पीएम आवास योजना में नगर निगम महलगांव में आवास बना रहा है, उसे पत्रकार कोटे से कई आवास मिलेंगे और वह प्रेस कोटे से मिलने वाले आवासों को छह महीने में उन्हें दिला देगा। इसके बदले उसे नौ लाख रुपये देना होंगे।







