शहडोल (सीमा सिंह) Love Triangle Murder Case: घटनाक्रम मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है। यहां के डबरा में चिराग शिवहरे हत्याकांड खूब चर्चित रहा था। अंश जादौन पर अपनी प्रेमिका साक्षी उर्फ दृष्टि ग्रोवर के साथ मिलकर चिराग शिवहरे की हत्या (Chirag Shivhare Murder Case) करने का आरोप है। केस में पुलिस ने छोटे भाई और पिता को भी सह-आरोपी बनाया था।
- दोनों भाई और पिता केंद्रीय जेल में कैद थे
- हितेश उर्फ शुभम जादौन था छोटा भाई
- अक्सर कहता था- मैंने अपराध नहीं किया
, ग्वालियर (Love Triangle Murder Case)। बड़े भाई के प्रेम त्रिकोण में डबरा में हुई हत्या के सह-आरोपी छोटे भाई ने जेल में फांसी लगाकर जान दे दी। मामला डबरा के चर्चित चिराग शिवहरे हत्याकांड (Chirag Shivhare Murder Case) में जुड़ा है।
फांसी लगाने वाले विचाराधीन कैदी हितेश उर्फ शुभम जादौन के बड़े भाई अंश जादौन पर अपनी प्रेमिका साक्षी उर्फ दृष्टि ग्रोवर के साथ मिलकर चिराग शिवहरे की हत्या करने का आरोप है। पिता उपेंद्र जादौन और हितेश उर्फ शुभम को सह-आरोपी बनाया गया था और तीनों न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में बंद थे।
अक्सर कहता था- भाई ने जुर्म किया, सजा वह भुगत रहा
हितेश अक्सर अपने पिता, भाई और जेल में मिलने आने वाले रिश्तेदारों से कहता था- भाई ने जुर्म किया है, लेकिन सजा वह भुगत रहा है। वह चिराग की हत्या में शामिल नहीं था।
उधर इस घटना से जेल के अंदर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विचाराधीन कैदी की मौत की न्यायायिक जांच होगी। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
केंद्रीय जेल ग्वालियर में विचाराधीन कैदी हितेश उर्फ शुभम (29) पुत्र उपेंद्र जादौन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह युवक चिराग शिवहरे की हत्या में सह आरोपित था, जो डबरा के कारोबारी अनिल शिवहरे का इकलौता पुत्र था।
हितेश 28 दिसंबर 2023 से केंद्रीय जेल ग्वालियर में बंद था। सोमवार दोपहर करीब 12.45 बजे सभी की गणना हुई। इसके बाद सभी को लॉकअप में जाना था। हितेश, उसके पिता उपेंद्र और भाई अंश एक ही बैरक में थे।
जेल के अंदर खंड-अ में दो मंजिला दो बैरक जर्जर हालत में हैं, इसके चलते इन्हें बंद कर दिया गया है। बैरक के पीछे कैदी लघुशंका के लिए जाते हैं। हितेश उधर गया तो लगा कि वह लघुशंका निवारण के लिए जा रहा होगा, वह अपने साथ तौलिया ले गया था।
यहां पहुंचकर तौलिया को दो टुकड़ों में बांटा, एक टुकड़े से बैरक के पीछे जंगले पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली। यहां अन्य कैदी पहुंचे तो वह फंदे पर लटका दिखा। जेल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस व डॉक्टर को सूचना दी।
(मृतक हितेश उर्फ शुभम (29 साल))
अधजली लाश मिली तो गर्ल फ्रेंड और उसका प्रेमी पकड़ा गया
डबरा स्थित ठाकुर बाबा रोड निवासी व्यापारी अनिल शिवहरे के बेटे सागर उर्फ चिराग शिवहरे (24) घर से सात जुलाई 2023 को कुछ देर में वापस आने का कहकर घर से निकला था। उसके रात तक वापस नहीं आने पर स्वजन डबरा थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। फिर उसका शव कलेक्ट्रेट पहाड़ी के पास नाले में अधजली हालत में पड़ा मिला था।
मामले में सबसे पहले अंश जादौन, चिराग की गर्लफ्रेंड साक्षी उर्फ दृष्टि ग्रोवर को पकड़ा गया था। साक्षी उर्फ दृष्टि दोनों के साथ रिलेशन में थी। यह बात चिराग को पता लगी तो वह झगड़ने लगा। इसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटा दिया।
उसकी लाश को न्यू कलेक्ट्रेट रोड पर झाड़ियों में कंडे, पेट्रोल डालकर जला दिया। शव के अवशेषों को नाले में फेंक दिया। इस मामले में चिराग के स्वजन ने अंश के पिता उपेंद्र और बड़े भाई हितेश उर्फ शुभम को भी सह-आरोपी बनवाया था। इसके चलते यह दोनों भी गिरफ्तार हुए और जेल में थे।
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बड़ा भाई भी कर चुका आत्महत्या का प्रयास
डबरा के व्यापारी के पुत्र चिराग उर्फ सागर शिवहरे की हत्या के मुख्य आरोपी और मास्टर माइंड अंश जादौन ने 15 जुलाई 2023 को विश्वविद्यालय थाना की हवालात में फांसी लगाने का प्रयास किया है। समय रहते वहां ड्यूटी कर रहे सिपाही की नजर उस पर पड़ी तो उसने धक्का देकर उसे नीचे गिराया और जान बचा ली।
हितेश भाई की गर्लफ्रेंड से कहता था- तुम्हारी वजह से सब बर्बाद हुआ
जेल के अंदर हितेश अक्सर रोता रहता था। अंश से मिलने के लिए उसकी प्रेमिका साक्षी उर्फ दृष्टि आती थी। उसे जमानत मिल गई थी। जब वह आती थी तो वह दोनों से कहता था- तुम्हारी वजह से सब बर्बाद हो गया। वह अपने पिता से भी नाराज था।







