सीमा सिंह शहडोल -: भोपाल में हिंदू लड़कियों के शोषण और कथित धर्म परिवर्तन मामले की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। जांच दल आरोपियों के नेटवर्क, विदेशी संबंधों, साइबर माध्यमों और अन्य जिलों में हुई ऐसी घटनाओं की गहन जांच कर साक्ष्य जुटाएगा।
- जांच में धर्मांतरण और प्रेमजाल की भूमिका की पड़ताल।
- आरोपियों के नेटवर्क व संरक्षण पर होगी गहन जांच।
- साइबर साक्ष्य व डिजिटल माध्यमों का विश्लेषण किया जाएगा।
भोपाल में हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ दुष्कर्म की घटना के तार प्रदेश के अन्य जिलों से भी जुड़ने के बाद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने भोपाल के आइजी (ग्रामीण) अभय सिंह की अध्यक्षता में विशेष जांच दल बनाया है।
जांच दल का मुख्य लक्ष्य आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाने को लेकर रहेगा। पता किया जाएगा उन्हें और किसी का संरक्षण तो नहीं मिला था। जांच टीम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) पुलिस आयुक्त कार्यालय, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआइजी) सीआइडी, एआइजी महिला सुरक्षा और पुलिस अधीक्षक सायबर सेल को सदस्य बनाया गया है। इसकी निगरानी पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा करेगी।
आदेश के अनुसार आरोपियों ने एक निजी इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ने वाली गरीब लड़कियों व उनके परिजन को भय और प्रलोभन से प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक व मानसिक शोषण किया। कथित तौर पर भय, दबाव व धोखे से धर्म परिवर्तन की बात भी सामने आ रही है। एसआइटी इन सभी विषयों की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
जांच में इन बिंदुओं पर होगा फोकस
- संबंधित जिलों में हुई ऐसी घटनाओं की पहचान एवं विस्तृत जांच करना, जिनमें बालिकाओं या महिलाओं को बहलाकर, धमकाकर या प्रलोभन देकर मतांतरण के लिए विवश किया गया हो।
- घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों, संगठनों या गिरोहों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करना।
- किसी अंतरराज्यीय या विदेशी नेटवर्क की संलिप्तता की जांच करना।
- सायबर एवं डिजिटल माध्यमों का विश्लेषण कर साक्ष्य एकत्र करना।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करना।







