सीमा सिंह शहडोल -: पाकिस्तान के साथ ‘सिंधु जल समझौता स्थगित’ करने पर शुक्रवार को जल शक्ति मंत्रालय की बैठक हुई। इसे 3 चरणों में पूरा करने का फैसला लिया गया है। बैठक के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि इसे लेकर 3 तरह की रणनीति बना रहे हैं। पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा।
मीटिंंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर हुई। इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल शामिल हुए थे। हालांकि 3 चरणों और 3 तरह की रणनीति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल को केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था।
उमर अब्दुल्ला बोले- हम कभी सिंधु जल समझौते के पक्ष में नहीं थे
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में आज कहा, ‘भारत सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। जहां तक जम्मू-कश्मीर का सवाल है, हम कभी भी सिंधु जल समझौते के पक्ष में नहीं रहे हैं। हमारा हमेशा से मानना रहा है कि सिंधु जल संधि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए सबसे गलत दस्तावेज है। इससे कश्मीर को नुकसान है।’
भारत की तरफ से पाकिस्तान को भेजा गया लेटर…
भारत में जलशक्ति सचिव देवश्री मुखर्जी ने गुरुवार देर रात पाकिस्तानी जल संसाधन मंत्रालय के सचिव मुर्तजा को पत्र लिखा। इसमें कहा गया कि यह संधि अच्छे संदर्भ में की गई थी, लेकिन अच्छे रिश्तों के बिना इसे बनाए नहीं रखा जा सकता।
वहीं, पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि के खत्म होने को एक्ट ऑफ वॉर बताया है। पाकिस्तानी सरकार ने कहा- अगर भारत सिंधु जल समझौते को रोकता है तो इसे एक्ट ऑफ वॉर यानी जंग की तरह माना जाएगा।
पहलगाम के नजदीक बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 टूरिस्ट की हत्या कर दी थी। इनमें एक नेपाली नागरिक भी था। 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसके बाद भारत ने जल संधि स्थगित करने सहित 5 बड़े फैसले लिए थे।
लेटर में क्या लिखा…5 पॉइंट में
- भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान सरकार को नोटिस भेजा जा रहा है। जिसमें संधि के अनुच्छेद XII (3) के तहत सिंधु जल संधि 1960 में संशोधन की मांग की गई है। इस लेटर में उन मुद्दों का हवाला दिया गया है जिसके चलते समझौते पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है।
- संधि के बाद से अब तक जनसंख्या में काफी बदलाव हुआ है। ऐसे में क्लीन एनर्जी डेवलपमेंट में तेजी लाने के लिए कुछ बदलाव करने जरूरी हो जाते हैं।
- किसी भी समझौते में सबसे जरूरी होता है कि उस संधि का सम्मान किया जाए। इसके बजाय पाकिस्तान की तरफ से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर सीमा पार आतंकवाद जारी है।
- सुरक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं ने संधि के तहत भारत के अपने अधिकारों को बाधित किया है। इसके अलावा भारत के अनुरोध पर पाकिस्तान ने कोई रिएक्शन नहीं दिया। इस प्रकार उसने संधि का उल्लंघन किया है।
- इसलिए भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है।
1960 में हुआ था सिंधु जल समझौता, 65 साल बाद रोका गया 1960 में भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच ये समझौता हुआ था। समझौते में सिंधु बेसिन से बहने वाली 6 नदियों को पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में बांटा गया था।
पूर्वी हिस्से की नदियों रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत का पूरा अधिकार है। पश्चिमी हिस्से की नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम का 20% पानी भारत रोक सकता है।

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ 5 बड़े फैसले पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 अप्रैल को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट मीटिंग (CCS) में 5 बड़े फैसले लिए गए। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल समेत कई अफसर मौजूद थे।
पहला फैसला पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद का समर्थन रोकने तक 1960 की सिंधु जल संधि स्थगित।
दूसरा फैसला अटारी-वाघा चेक पोस्ट को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया। वैध दस्तावेज के साथ जो लोग पहले ही पार कर चुके हैं, उन्हें 1 मई से पहले वापस जाने को कहा गया।
तीसरा फैसला पाकिस्तानी नागरिकों को SAARC वीजा छूट योजना (SVES) के तहत भारत में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। पहले जारी किए गए सभी SVES वीजा रद्द किए जाएंगे। SVES वीजा पर पहले से भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को अगले 48 घंटे के भारत छोड़ना होगा।
चौथा फैसला दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात रक्षा और सैन्य सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया। इसी तरह भारत अपने रक्षा सलाहकारों को इस्लामाबाद से वापस बुलाएगा। ऐसे पांच सहयोगी स्टाफ भी वापस बुलाए जाएंगे। इन पदों को अब शून्य माना जाएगा।
पांचवां फैसला दोनों उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का फैसला लिया गया है। यह कटौती 1 मई 2025 तक प्रभावी होगी।
पाकिस्तान बोला- सिंधु जल रोका तो एक्ट ऑफ वॉर होगा
इस्लामाबाद में नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NCS) की 24 अप्रैल को बैठक हुई। इसमें
पाकिस्तान बोला- सिंधु जल रोका तो एक्ट ऑफ वॉर होगा इस्लामाबाद में नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NCS) की 24 अप्रैल को बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच सभी द्विपक्षीय समझौते स्थगित कर दिए। इसमें 1972 में हुआ शिमला समझौता भी शामिल है।
पाकिस्तान ने कहा कि अगर भारत सिंधु जल समझौते को रोकता है तो इसे एक्ट ऑफ वॉर यानी जंग की तरह माना जाएगा। पाकिस्तान ने कहा, पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का सभी क्षेत्रों में मजबूती से जवाब दिया जाएगा। हम किसी भी आतंकवादी गतिविधि की निंदा करते हैं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक NCS की बैठक में कहा गया कि भारत में वक्फ विधेयक को जबरन पारित कराया गया, यह मुसलमानों को हाशिए पर डालने का प्रयास है।
NCS की मीटिंग में क्या-क्या फैसले लिए गए
उप प्रधानमंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया, ‘पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौते को रोकने के भारत के फैसले को खारिज किया। यह समझौता वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुआ एक इंटरनेशनल समझौता संधि है। एकतरफा सस्पेंड नहीं किया जा सकता।
अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोकने या दिशा मोड़ने की कोशिश की तो इसे एक्ट ऑफ वॉर (जंग की तरह) माना जाएगा और पूरी ताकत से जवाब देंगे।
पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौता स्थगित किए। इसमें शिमला समझौता भी शामिल है।
वाघा बॉर्डर तत्काल प्रभाव से बंद।
SAARC वीजा योजना के तहत सभी भारतीय नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। सिर्फ सिख तीर्थयात्रियों को छूट रहेगी, बाकी भारतीयों को 48 घंटे में पाकिस्तान छोड़ने का आदेश।
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछनीय व्यक्ति) घोषित कर पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है। पाकिस्तान स्थित भारतीय हाई कमीशन का स्टाफ घटाकर 30 कर दिया।
भारतीय एयरलाइनों के लिए पाकिस्तान का एयरस्पेस तत्काल प्रभाव से बंद।
पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी तरह का व्यापार सस्पेंड कर दिया है, जिसमें तीसरे देशों के जरिए होने वाले व्यापार भी शामिल है।
लश्कर सरगना हाफिज ISI के सेफ हाउस में दुबका
पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगार दहशत में हैं। आतंकी संगठन लश्कर -ए- तैयबा का सरगना हाफिज सईद एबटाबाद की सैन्य छावनी में खुफिया एजेंसी ISI के सेफ हाउस में दुबक गया है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके में लश्कर के मदरसों में छिपे हाफिज को ‘हमले’ का खौफ सता रहा था। मुरीदके के मदरसे में 27 अप्रैल को होने वाले एक प्रोग्राम को भी निरस्त कर दिया गया है। लश्कर के कई अन्य मदरसों में भी प्रोग्राम रद्द हुए हैं।
पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भी बहावलपुर में ISI के सेफ हाउस में है। मसूद पिछले कुछ समय से खैबर के एक मदरसे में दुबका हुआ था।







