सीमा सिंह शहडोल -: मेरा भतीजा शुभम और बहू वहीं पहलगाम में ही घुड़सवारी करते हुए गए थे। बहू के सामने ही आतंकियों ने शुभम को गोली मार दी। जिससे बहू ने आतंकियों से कहा कि- मुझे भी गोली मार दो, तो आतंकियों ने कहा कि तुम्हें नहीं मारेंगे, तुम जाकर सरकार को बताओ इसीलिए तुमको छोड़ रहे हैं।
आतंकी हमले में मारे गए शुभम के चाचा ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज द्विवेदी से दैनिक भास्कर ने बात की तो फफक कर रोने लगे, उन्होंने बताया कि उनसे परिवार के लोग लगातार संपर्क में हैं।
वह बोले बहू से बात हुई तो उसने पूरी दास्तां बयां कि, बहू एशान्या ने आतंकियों से क्या कहा…? इसके बाद आतंकियों ने ऐशान्या को क्या जवाब दिया, पढ़ें कानपुर से शुभम के घर से खास रिपोर्ट…।
शुभम की 2 महीने पहले शादी हुई थी
शुभम के चाचा बोले- भाई संजय से बात हुई तो वह बहुत घबराए थे मृतक शुभम मूल रूप से कानपुर के महाराजपुर के रघुवीर नगर हाथीपुर गांव के रहने वाले हैं। लेकिन मौजूदा समय में उनका परिवार श्याम नगर ई-ब्लॉक के मकान नंबर 272 विनायक इन्क्लेव अपार्टमेंट में रहता है।
इसी मोहल्ले में उनके चाचा ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज द्विवेदी भी परिवार के साथ रहते हैं।मनोज द्विवेदी ने बताया कि शुभम और उनकी पत्नी के साथ ही भइया संजय और भाभी सीमा के साथ परिवार के 11 लोग जम्मू कश्मीर घूमने गए हैं।
हमें मंगलवार दोपहर में चैनल पर न्यूज देखने के दौरान जम्मू में आतंकी हमला होने की जानकारी हुई। इसके बाद हमने भइया संजय को खुद ही कॉल किया था। इस दौरान वह काफी घबराए हुए थे और बताया कि आतंकी हमला हुआ है और शुभम उसमें फंस गए हैं।
वो इतना परेशान थे कि इससे ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए। थोड़ी देर में न्यूज चैनलों में हमले की खबर शुरू हो गई। तब तक कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन हमने दोबारा भइया से बात की उन्होंने बताया कि शुभम को गोली लग गई है।
जब बहू एशान्या ने आतंकियों से कहा कि मुझे भी गोली मार दो…
वह कहते हैं बेटा शुभम और बहू एशान्या साथ में ही थे। शुभम को बहू के सामने ही गोली मारी गई। उसकी 12 फरवरी को ही शादी हुई थी। सामने ही पति की गोली मारकर हत्या कर दी। इस पर बहू चीख-चीख कर रोने लगी और बोली कि हमें भी गोली मार दीजिए…। इस पर आतंकियों ने कहा कि हम आपको गोली नहीं मारेंगे, आप सरकार को जाकर बताओ…।
इसके बाद आगे बढ़ गए। यह बात एशान्या ने खुद परिवार के लोगों से आकर बताया। एक बात और सामने आई कि आतंकियों ने शुभम से कहा कि आप कलमा पढ़ दो तो छोड़ देंगे, इसके बाद सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी। बहू भी यह सब देखकर इतना घबरा गई, विक्षिप्त जैसी अवस्था हो गई कि कुछ बोलने की स्थिति में ही नहीं रह गई।
वह बोले- ये सभी लोग 22 अप्रैल को पहलगाम में थे, परिवार के सभी लोग होटल में थे और शुभम और इनकी पत्नी बाहर घूमने के लिए निकले थे। परिवार के लोग लगातार संपर्क में हैं। भाई साहब से संपर्क हुआ है, लेकिन वो बहुत परेशान हैं।
हमारी सरकार से मांग है कि हमारे परिवार के जो लोग वहां पर फंसे हुए हैं शुभम के पार्थिव शरीर के साथ कानपुर पहुंचाया जाए। इससे कि समय से हम अंतिम संस्कार कर सकें।
पार्थिव शरीर के साथ परिवार को सरकार सुरक्षित कानपुर पहुंचाए
इस दौरान चाचा मनोज द्विवेदी ने कहा कि मेरी अपील है कि आतंकियों से बदला भी लिया जाए। ये मेरे परिवार के लिए बहुत दुखद घटना है, मेरे परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 12 फरवरी को शादी हुई है।
इसके बाद इकलौते बेटे की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जीवन में पुत्र की मौत से बड़ा कोई दुख नहीं है। मेरा तो पूरा परिवार ही उजड़ गया। अब भइया, भाभी और बहू एशान्या किसके सहारे जिएंगे। मुझे तो खुद कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
आतंकियों से सरकार को बदला लेना चाहिए
शुभम के मौत की खबर मिलने के बाद से श्याम नगर ई-ब्लॉक में मातम छाया हुआ है। शुभम के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। मोहल्ले के लोग, नेता और पुलिस अफसरों के साथ समाज के अलग-अलग लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
मृतक शुभम के चाचा और परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि सरकार को आतंकियों से बदला लेना चाहिए। आतंकियों के हमले में मेरा पूरा परिवार उजड़ गया।







