सीमा सिंह शहडोल -: भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025) की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शनिवार को हनुमान जी का जन्मोत्सव श्रद्धाभाव से मनेगा। सभी मंदिरों में बजरंगबली को चोला चढ़ाने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। सुंदरकांड के पाठ होंगे। भजन-कीर्तन के साथ ही भंडारे होंगे।
- हनुमान मंदिरों में किए गए विशेष बंदोबस्त
- शनि के प्रकोप से बचने के लिए होंगे उपाय
- मीन में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि व राहु की युति
12 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा को श्री राम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव उल्लास पूर्ण माहौल में भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मंदिरों की रंगाई-पुताई के साथ पवन पुत्र के श्रृंगार के लिए कलाकारों को बुक किया जा रहा है। इस दिन श्री राम और हनुमान जी का सच्चे मन से स्मरण करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

Hanuman Jayanti पर पूजा से शनि राहु दोष से मिलेगी मुक्ति
- मध्य प्रदेश में ग्वालियर के ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के अनुसार, हनुमान जयंती पर शनि दोष या शनि की साढ़ेसाती से ग्रस्त लोग हनुमान जी को चना और गुड़ अर्पित करें। इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने की परंपरा भी है।
- मान्यता है कि प्रभु की प्रतिदिन उपासना करने से साधक के बड़े से बड़े कष्टों का निवारण होता है। दरअसल, बजरंगबली को अष्ट सिद्धियां और नौ निधि का वरदान प्राप्त है।
- इसके प्रभाव से वह सभी भक्तों की विपत्तियों को समाप्त करते हुए जीवन में खुशियां भरते हैं। शास्त्रों में संकटमोचन को ऊर्जा, शक्ति, ज्ञान, भक्ति और बल का प्रतीक माना गया।
- हनुमानजी, भगवान राम के सबसे बड़े भक्त भी हैं, इसलिए उनकी पूजा उपासना से प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद भी मिलता है।

पांच ग्रहों की साक्षी में मनेगा संकट मोचन हनुमान का जन्मोत्सव
पंडित विनोद गौतम व जगदीश शर्मा ने बताया कि पांच ग्रहों की साक्षी में ही संकट मोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव इस साल मनाया जाएगा। इस समय मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि और राहु की युति बन रही है। पंचग्रही युति में किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए हनुमानजी की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।







